फीफा वर्ल्ड कप 2026: मेसी और एम्बाप्पे 8-8 गोल के साथ आगे हैं। जानें बराबर गोल होने पर गोल्डन बूट विजेता कैसे चुना जाता है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और फुटबॉल फैंस की नजरें खिताब के साथ-साथ गोल्डन बूट अवॉर्ड पर भी टिकी हुई हैं। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी को यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड दिया जाता है।
इस बार गोल्डन बूट की रेस बेहद रोमांचक हो गई है, क्योंकि अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और फ्रांस के कीलियन एम्बाप्पे बराबरी पर चल रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने इस अवॉर्ड की लड़ाई को और दिलचस्प बना दिया है।
मेसी और एम्बाप्पे ने दागे 8-8 गोल
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब तक मेसी और एम्बाप्पे दोनों ने शानदार खेल दिखाया है। दोनों खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में 8-8 गोल किए हैं और गोल्डन बूट की रेस में संयुक्त रूप से सबसे आगे हैं।
दोनों स्टार खिलाड़ियों ने अब तक 6-6 मुकाबले खेले हैं। वहीं इंग्लैंड के हैरी केन और जूड बेलिंगहैम भी 6-6 गोल के साथ इस रेस में बने हुए हैं।
हालांकि, टूर्नामेंट के आखिरी मुकाबलों के बाद ही यह साफ होगा कि कौन सा खिलाड़ी सबसे ज्यादा गोल के साथ गोल्डन बूट अपने नाम करता है।
गोल बराबर होने पर कैसे तय होता है गोल्डन बूट विजेता?
फीफा वर्ल्ड कप 2026 ने गोल्डन बूट अवॉर्ड के लिए टाई होने की स्थिति में कुछ नियम बनाए हैं। अगर दो या उससे ज्यादा खिलाड़ी सबसे ज्यादा गोल करने के मामले में बराबरी पर रहते हैं, तो विजेता का फैसला इन आधारों पर किया जाता है।
1. सबसे ज्यादा असिस्ट करने वाला खिलाड़ी बनेगा विजेता
अगर खिलाड़ियों के गोल बराबर होते हैं, तो सबसे पहले उनके असिस्ट की संख्या देखी जाती है। जिस खिलाड़ी के नाम ज्यादा असिस्ट होते हैं, उसे गोल्डन बूट का विजेता घोषित किया जाता है।
फिलहाल इस मामले में एम्बाप्पे मेसी से आगे नजर आ रहे हैं। फ्रांस के स्टार खिलाड़ी के नाम 3 असिस्ट हैं, जबकि मेसी ने 2 असिस्ट किए हैं।
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2. कम मिनट खेलने वाले खिलाड़ी को मिलेगी बढ़त
अगर असिस्ट भी बराबर रहते हैं, तो FIFA यह देखता है कि किस खिलाड़ी ने कम समय मैदान पर रहकर गोल किए हैं।
जिस खिलाड़ी ने कम मिनट खेलकर ज्यादा प्रभावी प्रदर्शन किया होगा, उसे विजेता माना जाएगा।
हालैंड की उम्मीदें खत्म
गोल स्कोरिंग की लिस्ट में नॉर्वे के स्टार खिलाड़ी एर्लिंग हालैंड भी शानदार प्रदर्शन के साथ मौजूद हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में 7 गोल किए हैं।
हालांकि, उनकी टीम वर्ल्ड कप से बाहर हो चुकी है, इसलिए वह अब आगे कोई मुकाबला नहीं खेल पाएंगे। ऐसे में वह गोल्डन बूट की रेस में आगे नहीं बढ़ सकते।
एम्बाप्पे को क्यों माना जा रहा है मजबूत दावेदार?
अगर गोल और असिस्ट दोनों की स्थिति देखी जाए तो फिलहाल एम्बाप्पे की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। उनके गोल मेसी के बराबर हैं और असिस्ट के मामले में वह अर्जेंटीना के कप्तान से आगे हैं।
इसके अलावा कम समय मैदान पर बिताने का आंकड़ा भी उनके पक्ष में जा सकता है। हालांकि, वर्ल्ड कप के बचे हुए मुकाबलों में एक शानदार प्रदर्शन पूरी तस्वीर बदल सकता है।
गोल्डन बूट की रेस पर टिकी सभी की नजरें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आखिरी मुकाबले तय करेंगे कि इस बार गोल्डन बूट किस खिलाड़ी के नाम होगा। मेसी और एम्बाप्पे जैसे दिग्गजों के बीच चल रही यह जंग टूर्नामेंट के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक बन चुकी है।
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