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फ्लाईदुबई हाईजैक कोशिश: को-पायलट पर विमान क्रैश कराने की साजिश का आरोप, जांच में बड़े खुलासे

फ्लाईदुबई की उड़ान में कथित हाईजैक कोशिश के दौरान को-पायलट पर कैप्टन से मारपीट और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश का आरोप लगा।

फ्लाईदुबई हाईजैक की कोशिश: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई कथित हाईजैक कोशिश की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। इतालवी अखबार कोरिएरे डेला सेरा की रिपोर्ट के अनुसार, ओमानी को-पायलट हमान अल-हम्मामी ने कथित तौर पर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की और कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि को-पायलट की कथित योजना विमान को तेल अवीव ले जाकर किसी ऊंची इमारत से टकराने की थी। हालांकि, जांच पूरी होने तक इन दावों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

क्या थी को-पायलट की कथित योजना?

रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं को मिले विवरण में दावा किया गया है कि अल-हम्मामी ने पहले विमान के कैप्टन पर हमला किया और कॉकपिट पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। कथित तौर पर उसका मकसद विमान को तेल अवीव ले जाना और वहां किसी गगनचुंबी इमारत से टकराना था।

इस कथित योजना के सामने आने के बाद फ्लाईदुबई हाईजैक की जांच में विमान के कॉकपिट में हुई घटनाओं और को-पायलट की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

नमाज पढ़ने का बहाना बनाकर किया हमला

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अल-हम्मामी ने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और इसके बाद कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। हमले में कैप्टन के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं।

बताया गया कि इसके बाद कॉकपिट का दरवाजा बंद कर दिया गया। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने दोबारा कॉकपिट में पहुंचने की कोशिश की। बाद में कुछ यात्रियों और दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने स्थिति को संभालने में मदद की।

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क्या दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति बंद की गई?

जांच में विमान के इंजन से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण सवाल सामने आया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उड़ान के दौरान विमान के अंदर आपातकालीन लाइटें जलती हुई दिखाई दी थीं।

इसी आधार पर जांचकर्ताओं को संदेह है कि दोनों इंजनों को ईंधन की आपूर्ति करने वाले स्विच बंद किए गए हो सकते हैं। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है और इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

प्लान फेल हुआ तो विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश?

रिपोर्ट के अनुसार, जब कथित तौर पर तेल अवीव पहुंचने की योजना सफल होती नहीं दिखी तो अल-हम्मामी ने विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश की।

दावा है कि उसने विमान का ऑटोपायलट बंद कर दिया और कंट्रोल स्टिक पर दबाव डाला। इसके बाद विमान करीब 30 सेकंड में लगभग 16 हजार फीट नीचे चला गया। इसी दौरान एक यात्री ने कथित तौर पर कंट्रोल स्टिक को अपनी ओर खींचकर विमान को और नीचे जाने से रोकने में मदद की।

इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभालने में सहायता की। फ्लाईदुबई हाईजैक के दौरान यात्रियों की भूमिका भी जांच में अहम मानी जा रही है।

विमान में सवार थे 174 यात्री

फ्लाईदुबई की एफजेड1073 उड़ान 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान में कुल 174 यात्री सवार बताए गए हैं।

उड़ान के दौरान कैप्टन पर कथित हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आया। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट तक पहुंच बनाने में सफलता हासिल की और स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। बाद में विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।

इजरायली अधिकारियों ने क्या कहा?

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान सामने आई जानकारी से संकेत मिलता है कि अल-हम्मामी ने कथित तौर पर अकेले यह घटना अंजाम दी।

एक अन्य इजरायली सूत्र के अनुसार, अभी तक किसी संगठन या सरकार के साथ उसके संबंध की जानकारी सामने नहीं आई है। संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के साथ-साथ सऊदी अरब में भी घटना से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

इमरजेंसी लाइट्स ने बढ़ाया शक

घटना से जुड़े एक वीडियो में विमान के केबिन में आपातकालीन लाइटें जलती हुई दिखाई देने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, बोइंग 737 में मुख्य बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर विमान बैटरी पावर पर जा सकता है और ऐसी स्थिति में आपातकालीन लाइटें सक्रिय हो सकती हैं।

इसी वजह से जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या विमान के बिजली या इंजन सिस्टम में जानबूझकर कोई बदलाव किया गया था।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फ्लाईदुबई हाईजैक से जुड़े कई महत्वपूर्ण दावे फिलहाल मीडिया रिपोर्टों और जांच से जुड़े सूत्रों पर आधारित हैं। खासतौर पर इंजन की ईंधन आपूर्ति बंद किए जाने और विमान को जानबूझकर क्रैश कराने की कथित कोशिश की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान विमान के सिस्टम में वास्तव में क्या बदलाव किए गए थे और को-पायलट की कथित मंशा क्या थी। फ्लाईदुबई हाईजैक ने विमान सुरक्षा और कॉकपिट सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

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