धर्म

Hindu Nav Varsh 2024 में कब शुरू होगा? जानें विक्रम संवत 2081 का पूरा विवरण।

Hindu Nav Varsh 2024

1 जनवरी को अंग्रेजी कैलेंडर में नया साल मनाया जाता है, लेकिन Hindu Nav Varsh 2024 चैत्र महीने से शुरू होता है। हिंदी कैलेंडर में बारह महीने हैं, जो चैत्र महीने की नवरात्रि से शुरू होते हैं। फाल्गुन भी हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना है।

चैत्र मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में आता है। हिंदू नववर्ष को विक्रम संवत्, संवत्सर, गुड़ी पडवा और युगादि भी कहते हैं। Hindu Nav Varsh 2024 की डेट और पूरी जानकारी पढ़ें।

हिंदू नववर्ष 2024 डेट (Hindu Nav Varsh 2024 Date)

9 अप्रैल 2024 को हिंदू नववर्ष शुरू होगा। हिंदू नव वर्ष के दिन, सिंधि समाज के लोग चेती चंड का पर्व, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, कर्नाटक में युगादि और आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में उगादी, गोवा और केरल में कोंकणी लोग संवत्सर पड़वो, कश्मीर में नवरेह, मणिपुर में सजिबु नोंगमा पानबा का पर्व मनाते हैं।

हिंदू नववर्ष 2024 मुहूर्त (Hindu Nav Varsh 2024 Muhurat)

  • चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि शुरू  8 अप्रैल 2024, रात 11.50
  • चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि समाप्त  9 अप्रैल 2024, रात 08.30
  • चैत्र नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त    सुबह 06.02 –  सुबह 10.16
  • कलश स्थापना अभिजित मुहूर्त    सुबह 11.57 – दोपहर 12.48

हिंदू नववर्ष विक्रम संवत्सर 2081 (Hindu Calendar Vikram Samvat 2081)

हिन्दू नव वर्ष विक्रम संवत पर आधारित है. शास्त्रों में कुल 60 संवत्सर बताए गए हैं. 9 अप्रैल 2023 से विक्रम संवत 2081 शुरू हो जाएगा. 2081 नव संवत्सर को ‘क्रोधी’ नाम से जाना जाएगा. इस साल संवत के राजा मंगल और मंत्री शनि होंगे. ज्योतिष गणना के अनुसार, हिन्दू नव वर्ष का पहला दिन जिस भी दिवस पर पड़ता है पूरा साल उस ग्रह का स्वामित्व माना जाता है.

कैसा रहेगा विक्रम संवत 2081?

जानकारों के अनुसार विक्रम संवत 2081 के राज मंगल, शनि के मंत्री होने से यह साल उथल-पुथल वाला रहेगा. भारत में अल्पवृद्धि के योग होंगे. नया रोग या कोई नई महामार के आने के योग बन रहे हैं. राहु, मंगल, सूर्य और शनि के कारण प्राकृति प्रकोप बढ़ सकता है, तूफान, भूकंप और बाढ़ से जानमाल के नुकसान की ज्यादा आशंका है. राजनीतिक पार्टियों में शत्रुता की भावना बढ़ेगी. भारत में आंतरिक संघर्ष बढ़ने की संभावना है. देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा.

चैत्र माह से क्यों शुरू होता हिंदू नववर्ष

हिंदू धर्म में नववर्ष विक्रम संवत का स्वागत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि यानी चैत्र नवरात्रि के पहले दिन पर किया जाता है. मान्यता है कि इसी तिथि पर ब्रह्माजी ने सृष्टि का आरम्भ किया था, इसलिए चैत्र हिंदू नववर्ष का पहला महीना बना.

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हिंदू नववर्ष महत्व

हिंदू नववर्ष के पहले दिन मां दुर्गा की पूजा, घर में शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करना बहुत शुभ फलदायी होता है. मान्यता है इससे सालभर सुख-समृद्धि का वास होता है, जीवन में कष्टों का नाश होता है, आर्थिक-मानसिक और शारीरिक परेशानियां खत्म होती है.

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