हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने 134-ए के तहत EWS विद्यार्थियों के लिए 31.88 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। जानें समावेशी शिक्षा पर उनका पूरा विजन।
हरियाणा सरकार ने राज्य में समावेशी शिक्षा के संकल्प को दोहराते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नियम 134-ए के तहत आर्थिक रूप से पिछड़े (EWS) और बीपीएल (BPL) वर्ग के विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए लंबित शुल्क प्रतिपूर्ति अनुदान राशि जारी कर दी है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इस महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता की पुष्टि करते हुए इसे गरीब बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ‘ठोस प्रयास’ बताया है।
31.88 करोड़ रुपये का अनुदान जारी
शिक्षा विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कुल 31.88 करोड़ रुपये की राशि उन निजी स्कूलों को जारी की गई है, जहाँ नियम 134-ए के तहत पात्र बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन के अभाव में किसी भी मेधावी छात्र की शिक्षा बाधित न हो।
समावेशी शिक्षा नीति को मिलेगी मजबूती
इस ऐतिहासिक निर्णय पर टिप्पणी करते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा: “यह कदम राज्य सरकार की समावेशी शिक्षा नीति को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। हम हर वर्ग के विद्यार्थी को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 134-ए के तहत लंबित राशि का भुगतान करना हमारी पारदर्शिता और वादे को पूरा करने की कार्यशैली को दर्शाता है।”
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नियम 134-ए और सरकार की प्राथमिकता
हरियाणा में शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को लेकर महिपाल ढांडा लगातार सक्रिय रहे हैं। उनके नेतृत्व में विभाग ने निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया है:
वित्तीय पारदर्शिता: अनुदान राशि का सीधा और समयबद्ध हस्तांतरण।
समान अवसर: निजी स्कूलों में EWS और BPL छात्रों के लिए आरक्षित सीटों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।
संवाद: स्कूल प्रबंधकों और अभिभावकों के बीच के गतिरोध को समाप्त करना।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का विजन
आगामी शैक्षणिक सत्रों के लिए अपनी योजना साझा करते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शिक्षा से जुड़ी किसी भी योजना में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि 31.88 करोड़ रुपये की यह राशि केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों की उम्मीद है जो अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देना चाहते हैं।
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