लुधियाना: मनीष सिसोदिया और हरजोत बैंस ने दी वेदों की सीख, बोले- ‘सोशल मीडिया के कूड़े को साफ करेगा धार्मिक ज्ञान

लुधियाना: पंजाब की औद्योगिक नगरी लुधियाना के बीसीएम स्कूल में एक खास समागम हुआ, जहाँ राजनीति और अध्यात्म का संगम देखने को मिला। ‘सनातन सेवा समिति’ और ‘वेद प्रचार मंडल’ द्वारा आयोजित इस पुरस्कार समारोह में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शिरकत की।

मुख्य बातें: शिक्षा और विरासत का संगम


सिसोदिया का बड़ा बयान: ‘जातिवाद छोड़ें, विरासत अपनाएं’

समारोह को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा, “हमें यह समझना होगा कि आइंस्टीन ने जो बातें बाद में बताईं, वो हमारे वेदों में पहले से थीं। फिर हम जातिवाद जैसे संकीर्ण विचारों में क्यों फंसे हैं?” उन्होंने सुझाव दिया कि बीसीएम स्कूल की तर्ज पर वेदों और उपनिषदों की शिक्षा पूरे पंजाब के स्कूलों में दी जानी चाहिए।

हरजोत बैंस ने की शिक्षकों की सराहना

शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य का भविष्य शिक्षकों के हाथ में है। उन्होंने दिल्ली के स्कूल मॉडल को ‘विलक्षण’ बताते हुए कहा कि बच्चों को सही आकार देने का सबसे सही समय उनका बचपन है। उन्होंने अध्यापकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को अपनी जड़ों और गौरवशाली विरासत से जोड़ें।


विजेता छात्र हुए सम्मानित

पिछले एक साल से चल रही भाषण प्रतियोगिता में 25 स्कूलों के 296 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। मनीष सिसोदिया और हरजोत बैंस ने विजेता छात्रों और स्कूलों के प्रिंसिपलों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ।

केंद्र से पंजाब के हक की मांग

पत्रकारों से बातचीत में हरजोत बैंस ने केंद्र सरकार से पंजाब के लिए विशेष राहत पैकेज और रुके हुए RDF फंड को जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मजबूती से केंद्र के सामने पंजाब का पक्ष रखा है।

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