गुजरात में सूखा घोषित करने की मांग को लेकर मनोज सोरठिया ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए राज्य सरकार से किसानों के लिए राहत की मांग की।
गुजरात में बारिश की कमी और किसानों की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। AAP के प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया ने महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित क्षेत्रों की घोषणा का हवाला देते हुए गुजरात में भी प्रभावित इलाकों के लिए जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
मनोज सोरठिया ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने 18.8 प्रतिशत बारिश की कमी के बीच 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया है। महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक फैसले के मुताबिक 358 में से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है और इन क्षेत्रों में राहत उपाय लागू किए गए हैं।
गुजरात सरकार से सोरठिया का सवाल
मनोज सोरठिया ने कहा कि गुजरात में भी कई क्षेत्रों, खासकर सौराष्ट्र के किसानों को सूखे की घोषणा की उम्मीद थी। उनके मुताबिक मानसून समाप्ति की ओर है और प्रभावित किसान सरकारी सर्वे तथा राहत संबंधी फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब महाराष्ट्र में बारिश की कमी और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर सूखा प्रभावित तालुकाओं की घोषणा की जा सकती है, तो गुजरात में इस दिशा में निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा है।
सौराष्ट्र और कच्छ में बारिश की कमी
गुजरात में इस साल बारिश का वितरण अलग-अलग क्षेत्रों में काफी असमान रहा है। सितंबर की शुरुआत में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में सामान्य से लगभग 36 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ जैसे जिलों में कमी विशेष रूप से अधिक रही।
बाद में बारिश होने से राज्य के औसत आंकड़े में सुधार हुआ, लेकिन सितंबर के मध्य तक कच्छ, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में बारिश सामान्य से नीचे बनी हुई थी।
गुजरात सरकार का क्या कहना है?
गुजरात सरकार ने विधानसभा में कहा था कि केवल बारिश की कमी के आधार पर किसी क्षेत्र को सूखा प्रभावित घोषित नहीं किया जा सकता। सरकार के अनुसार इसके लिए निर्धारित वैज्ञानिक आकलन और जमीनी स्थिति की जांच जरूरी है। सरकार ने यह भी बताया था कि कुछ जिलों में बारिश की कमी के बावजूद चारा, पानी और कृषि बिजली जैसी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।
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इससे पहले सरकारी आंकड़ों में देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज होने की बात सामने आई थी। वहीं दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश भी हुई, जिससे राज्य में बारिश का क्षेत्रीय वितरण असमान रहा।
आंदोलन की तैयारी का दावा
मनोज सोरठिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर पहले भी सरकार का ध्यान आकर्षित करती रही है। उनके मुताबिक पार्टी ने आंदोलन और सत्याग्रह किए हैं तथा गांवों में किसानों से संबंधित फॉर्म भी भरवाए हैं।
उन्होंने कहा कि आगामी 2 तारीख को पार्टी गांधीनगर में मुख्यमंत्री के सामने किसानों की मांग उठाएगी। AAP की मांग है कि जिन क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति है, वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द आकलन किया जाए और पात्र किसानों तक राहत पहुंचाई जाए।
किसानों को राहत की मांग
मनोज सोरठिया ने कहा कि किसानों को उनकी स्थिति के अनुसार सरकारी सहायता मिलनी चाहिए और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू किए जाने चाहिए। उन्होंने गुजरात सरकार से सूखे की स्थिति का आकलन पूरा कर किसानों के हित में निर्णय लेने की मांग दोहराई।
वहीं, गुजरात में सूखा घोषित करने का अंतिम निर्णय निर्धारित वैज्ञानिक और प्रशासनिक मानकों के आधार पर होना है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार के आकलन और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रहेगी।
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