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नीतीश कुमार की राज्यसभा शपथ पर बोले पीएम मोदी- ‘उनके अनुभव से बढ़ेगी सदन की गरिमा’

नीतीश कुमार की राज्यसभा शपथ के बाद पीएम मोदी ने उनके ‘सुशासन’ और अनुभव की सराहना की। जानिए हरिवंश के मनोनयन और बिहार में इस्तीफे की खबरों पर पूरा अपडेट।

बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। दिल्ली में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए उनके राजनीतिक सफर और सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की जमकर सराहना की। इस अवसर पर पीएम मोदी ने हरिवंश नारायण सिंह की राज्यसभा में वापसी पर भी अपनी खुशी जाहिर की।

नीतीश कुमार की राज्यसभा शपथ पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राज्यसभा शपथ के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक और गरिमामयी पोस्ट साझा की। पीएम मोदी ने लिखा, “नीतीश कुमार जी देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। सुशासन (Good Governance) को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ सराहना हुई है। उन्होंने बिहार के विकास में अमिट योगदान दिया है। उन्हें एक बार फिर संसद में देखना बहुत सुखद होगा।”

प्रधानमंत्री ने आगे विश्वास जताते हुए कहा कि नीतीश कुमार की राज्यसभा शपथ के बाद सदन की गरिमा और बढ़ेगी। उन्होंने उनके लंबे विधायी और प्रशासनिक अनुभव को देश के लिए महत्वपूर्ण बताया।

हरिवंश भी अब मनोनयन के रास्ते पहुंचे संसद

नीतीश कुमार के अलावा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को भी राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने शुभकामनाएं दीं। पीएम ने हरिवंश जी के पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन के योगदान को याद करते हुए उन्हें एक सम्मानित बुद्धिजीवी बताया। नीतीश कुमार की राज्यसभा शपथ के साथ ही हरिवंश का दोबारा सदन में आना एनडीए के लिए संसदीय मजबूती का संकेत है।

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इस्तीफा और बिहार में नई सरकार की सुगबुगाहट

सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार की राज्यसभा शपथ के बाद अब बिहार में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। नीतीश कुमार आज दिल्ली से पटना लौटेंगे, जहां वे जदयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे।

13 अप्रैल: कैबिनेट की अंतिम बैठक होने की संभावना।

एनडीए विधायक दल की बैठक: इसी दिन नीतीश कुमार अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं।

राज्यपाल को इस्तीफा: बैठक के बाद वे राजभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।

40 वर्षों का बेमिसाल राजनीतिक सफर

नीतीश कुमार की राज्यसभा शपथ महज एक पद का बदलाव नहीं है, बल्कि यह उनके 40 साल से ज्यादा के सक्रिय राजनीतिक करियर का एक नया अध्याय है। 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री पद पर काबिज रहने वाले नीतीश कुमार ने कभी बिहार में मंत्री पद नहीं संभाला, वे सीधे मुख्यमंत्री बने थे। इससे पहले वे केंद्र में प्रभावशाली मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

अब जब नीतीश कुमार की राज्यसभा शपथ पूरी हो चुकी है, बिहार की राजनीति में ‘पोस्ट-नीतीश’ दौर की चर्चाएं तेज हो गई हैं। देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली की राजनीति में उनकी नई पारी देश के लिए क्या नया मोड़ लाती है।

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