भारत में कोरोना वायरस और ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों में गिरावट देखने को मिल रही है, जिसके साथ ही तीसरी लहर के मंद पड़ने के भी दावे किए जा रहे हैं. हालांकि अभी भारत में कोरोना वायरस के रोजाना दो लाख से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं, लेकिन दूसरी लहर यानी डेल्टा के मुकाबले इस बार मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत कम पड़ रही है. इसके साथ ही इस बार कोरोना मरीजों की मौतों का आंकड़ा भी पहले से काफी कम है. अमेरिका के नामचीन डॉक्टर ने भारत में कोरोना वायरस के अपेक्षाकृत ज्यादा संक्रामण होने के बावजूद कम नुकसान होने की वजहों को को खुलकर बताया है.

Coronavirus: कोरोना के डराने वाले आंकड़े, 24 घंटे में 893 मरीजों ने तोड़ा दम

इम्यूनिट सिस्टम को दो बार चकमा देना काफी मुश्किल

अमेरिका के इंफेक्शन डिसीज एक्सपर्ट और मैरीलैंड यूसीएच विश्वविद्यालय में उपाध्यक्ष डॉक्टर फहीम यूनुस के अनुसार भारत में कोरोना से कम नुकसान की मुख्य वजहें कम उम्र के लोग, वैक्सीनेशन से बनी इम्यूनिटी और कोविड की पिछली लहर है. विशेषज्ञों ने इस बात पर ज्यादा जोर देते हुए कहा कि वायरस के लिए बॉडी में पैदा होने वाले इम्यूनिट सिस्टम को दो बार चकमा देना काफी मुश्किल काम है.

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24 घंटे में कोरोना के 2,34,281 नए मामले रिकॉर्ड

डॉ. युनूस ने सितंबर 2020 और नवंबर 2021 के वीकली ग्राफ की तुलना करते हुए कहा कि भारत में कोरोना के मामले तो बढ़े हैं, लेकिन हॉस्पिटलाइजेशन और डेथ केस काफी कम हैं. जिसकी पीछे सबसे बड़ी वजह कम औसत आयु और वैक्सीनेशन के कारण बनी इम्यूनिटी के साथ कोरोना की पिछली लहरे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार देश में बीते 24 घंटे में कोरोना के 2,34,281 नए मामले रिकॉर्ड किए गए हैं. जबकि कोरोना की वजह से 893 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है. हालांकि कोरोना संक्रमण का यह आंकड़ा शनिवार की तुलना में केस 0.5% कम हैं, लेकिन मौत की संख्या काफी चौंकाने वाली है. आपको बता दें कि इससे पहले 29 जनवरी को देश में कोरोना के 235532 केस दर्ज किए गए और 871 मरीजों ने दम तोड़ा था.