नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 15 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के 50 प्रतिशत से अधिक युवाओं के कोविड वैक्‍सीनेशन की पहली खुराक पूरी होने की सराहना करते हुए कहा कि यूथ और यंग इंडिया सही रास्‍ते पर है और वे देश और देश के लोगों को सही रास्‍ता भी दिखा रहे हैं। उन लोगों से यूथ से सीख लेनी चाहिए जिन्‍होंने अभी कोविड पहली वैक्‍सीन तक नहीं ली है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के एक ट्वीट के जवाब में, प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “युवा और युवा भारत रास्ता दिखा रहा है! यह उत्साहजनक खबर है। आइए गति बनाए रखें। सभी COVID-19 संबंधित प्रोटोकॉल और टीकाकरण पालन करना काफी जरूरी है। हम सब मिलकर इस महामारी से लड़ेंगे।”

15-18 आयु वर्ग के 50 फीसदी से अधिक किशोरों को कोविड -19 वैक्सीन की पहली खुराक का टीका लगाया गया है। इस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत के बाद से, कुल 3,81,26,520 किशोरों ने CoWIN पोर्टल के अनुसार अपनी पहली खुराक प्राप्त की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इसे “कोविड -19 के खिलाफ भारत की लड़ाई के लिए बड़ा दिन” कहा था क्योंकि भारत ने मंगलवार रात को इस आयु वर्ग के 50 फीसदी से अधिक किशोरों को टीके की पहली खुराक देने का मील का पत्थर हासिल किया।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा था कि “कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई के लिए बड़ा दिन! 15-18 आयु वर्ग के हमारे 50 प्रतिशत से अधिक युवाओं ने COVID19 वैक्सीन की अपनी पहली खुराक प्राप्त की है। अच्छा किया, मेरे युवा दोस्तों! टीकाकरण के लिए आपका उत्साह पूरे भारत में लोगों को प्रेरित कर रहा है। जैसे ही भारत में कोविड -19 मामले बढ़ने लगे, 15-18 वर्ष के इस आयु वर्ग के किशोरों का टीकाकरण करने का राष्ट्रव्यापी अभियान 3 जनवरी को शुरू हुआ। अब तक केवल भारत बायोटेक का स्वदेशी निर्मित कोवैक्सिन ही इस आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए उपलब्ध है।