पंजाब में कुछ महीने के लिए बनाए गए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को 2018 में दर्ज हुआ केस 4 साल बाद बड़ा ही दर्द दे रहा है. ईडी द्वारा गुरूवार रात मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के भतीजे भूपिंदर हनी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया. जिस कारण एक बार फिर राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस की तरफ से अगले बनने वाले मुख्यमंत्री के रेस में मुख्यमंत्री चन्नी सबसे आगे चलने चल रहे हैं. लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद वह वापस होने की कगार पर आ गए. क्योंकि मुख्यमंत्री चन्नी को सबसे बड़ा डर यह है कि उनके विरोधी पहले ही उन पर निशाना साधे थे, अब इस गिरफ्तारी के बाद कहीं उनके अपने ही उनके विरोध में ना आ जाए.

पंजाब में राजनीतिक पार्टियों ने पहले भी कई बार मुख्यमंत्री पर अपने ही निर्वाचित क्षेत्र में अवैध रेत खनन का आरोप लगाया था. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्विटर पर ट्वीट किया था, कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी अवैध रेत खनन को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं.

ईडी अधिकारियों ने बताया कि इस मामले के मुख्य आरोपी कुदरतदीप सिंह ने भूपेंदर सिंह और संदीप सिंह के साथ मिलकर कुछ नई कंपनियां बनाई थी. काफी पूछताछ करने के बाद ईडी भूपिंदर हनी तक पहुंचे. और 18 जनवरी को भूपिंदर हनी के चंडीगढ़, लुधियाना, मोहाली और फतेहगढ़ समेत दस अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की. जहां से प्रवर्तन निदेशालय ने 10.7 करोड़ रुपये बरामद किए.

मामला है कैप्टन अमरिंदर सिंह के समय का –
2018 में जब अवैध रेत खनन का यह मामला सामने आया उस समय कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री थे. उस समय पंजाब पुलिस ने इस मामले में चालान पेश कर दिया था. उस समय जब यह केस दर्ज किया गया तब उसमें भूपिंदर सिंह का नाम नहीं था.एफआईआर के मुताबिक इस मामले में 26 आरोपी हैं. इसमें सम्मिलित 6 ठेकेदारों की ईडी जांच कर रही है.

पंजाब से लगातार अवैध रेत खनन की शिकायतें –
पंजाब के मोहाली, रोपड़, होशियारपुर और पठानकोट समेत 12 जिले ऐसे हैं जिसमें ईडी की नजर बनी हुई थी, क्योंकि पंजाब से लगातार अवैध रेत खनन की शिकायतें आ रही थी. यह मामला पंजाब विधानसभा चुनाव का भी एक अहम मुद्दा है. इस मामले पर ‘आप’ कांग्रेस के राज्य सरकार को हर बार निशाना बनाती रही है. पिछले वर्ष दिसंबर माह में ‘आप’ ने यह आरोप लगाया था, की चरणजीत चन्नी के निर्वाचित क्षेत्र में अवैध रेत खनन पाया गया है.