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पंजाब सरकार ने आशीर्वाद योजना के तहत 2,769 परिवारों को जारी किए ₹14.12 करोड़, बेटियों के विवाह के लिए मिलेगी ₹51,000 की सहायता: डॉ. बलजीत कौर

19 जिलों के पात्र बीसी और ईडब्ल्यूएस परिवारों को डीबीटी के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता, सरकार ने पारदर्शी वितरण पर दिया जोर

पंजाब सरकार ने आशीर्वाद योजना के तहत 2,769 परिवारों को ₹14.12 करोड़ जारी किए। पात्र बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की आर्थिक सहायता DBT से दी गई।

पंजाब सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आशीर्वाद योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में 2,769 पात्र परिवारों को ₹14.12 करोड़ की आर्थिक सहायता जारी की है। यह राशि बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य के 19 जिलों से आशीर्वाद पोर्टल पर प्राप्त 2,769 पात्र आवेदनों को मंजूरी देने के बाद यह राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचे।

हर पात्र बेटी के विवाह के लिए ₹51,000 की सहायता

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आशीर्वाद योजना के तहत पात्र परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह के दौरान पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना और उन्हें सम्मानजनक सहयोग उपलब्ध कराना है।

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इन जिलों के परिवारों को मिला लाभ

मंत्री के अनुसार सबसे अधिक लाभार्थी पटियाला (556) से हैं। इसके अलावा गुरदासपुर (401), फाजिल्का (347), होशियारपुर (162), रूपनगर (161), लुधियाना (151), मलेरकोटला (117), एसएएस नगर (108), श्री मुक्तसर साहिब (105), संगरूर (94), फिरोजपुर (91), बरनाला (85), श्री फतेहगढ़ साहिब (83), मोगा (73), एसबीएस नगर (65), बठिंडा (61), पठानकोट (61), फरीदकोट (31) और जालंधर (17) के पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिला है।

योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता

आशीर्वाद योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को दिया जाता है जो पंजाब के स्थायी निवासी हों और बीपीएल, अनुसूचित जाति (SC), पिछड़ा वर्ग (BC) या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से संबंधित हों। परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से ₹32,790 से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना के तहत एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को सहायता प्रदान की जाती है।

डीबीटी से सीधे खातों में पहुंची राशि

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पूरी सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। इससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर भुगतान सुनिश्चित हुआ है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य सामाजिक न्याय, आर्थिक सुरक्षा और समावेशी विकास को मजबूत करना है।

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