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मजदूर दिवस पर मान सरकार का ऐतिहासिक कदम: श्रमिकों के लिए ₹316 करोड़ के लाभ की घोषणा

पंजाब की मान सरकार ने मजदूर दिवस पर श्रमिकों के लिए ₹316 करोड़ के लाभ की घोषणा की। 17 लाख श्रमिकों को मिलेगा ₹5 लाख तक का बीमा और पेंशन। पूरी खबर पढ़ें।

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र आयोजित कर मजदूर वर्ग के कल्याण को शासन के केंद्र में ला दिया है। कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने इस सत्र को “ऐतिहासिक” करार देते हुए कहा कि यह पहली बार है जब विधायी चर्चाओं का मुख्य फोकस पूरी तरह से श्रमिकों की समस्याओं और उनके भविष्य पर रहा।

श्रमिकों के लिए खुला सरकारी खजाना

विधानसभा सत्र के दौरान मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने राज्य के निर्माण श्रमिकों के लिए ₹316 करोड़ के विशाल राहत पैकेज की घोषणा की। इस पहल का सीधा लाभ पंजाब के 17 लाख से अधिक पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को मिलेगा।

मंत्री सोंद ने जोर देकर कहा, “हमारी सरकार केवल वादों में नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने में विश्वास रखती है। ₹316 करोड़ की यह राशि उन हाथों को मजबूत करेगी जो पंजाब की बुनियाद रखते हैं।”

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कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य आकर्षण

सरकार द्वारा घोषित इस वित्तीय पैकेज में श्रमिकों के जीवन के हर पहलू को कवर किया गया है:

₹5 लाख तक का बीमा: किसी भी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में श्रमिक परिवारों को ₹5 लाख तक का सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा।

पेंशन और वजीफा: बुजुर्ग श्रमिकों के लिए सम्मानजनक पेंशन और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष वजीफा योजना।

मातृत्व सहायता: महिला श्रमिकों को गर्भावस्था के दौरान और बाद में बेहतर देखभाल के लिए वित्तीय सहायता।

चिकित्सा सहायता: कार्यस्थल पर चोट लगने या गंभीर बीमारी की स्थिति में चिकित्सा खर्च के लिए सरकारी मदद।

मजदूरों के लिए समर्पित ‘विशेष सत्र’

आमतौर पर विधानसभा सत्र राजनीतिक बहसों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन 1 मई का यह विशेष सत्र केवल ‘श्रमिक विमर्श’ के लिए आरक्षित रहा। सरकार का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल पंजाब के श्रमिकों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में श्रम कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक मिसाल बनेगा।

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