मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि पंजाब में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ और अमृतसर में विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उद्योग और वाणिज्य को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सरकार पंजाब में विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करेगी। ये आधुनिक प्रदर्शनी केंद्र लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ (मोहाली) और अमृतसर में बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा मोहाली में आयोजित प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के दौरान उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ बातचीत करते हुए की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से पंजाब में विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र उद्योगों को अपने उत्पादों और नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करेंगे।
उद्योगों को मिलेगा प्रगति मैदान जैसा मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पंजाब में बड़े स्तर के प्रदर्शनी स्थल की कमी है, जिसके कारण उद्योगों को अपने उत्पादों और तकनीक का प्रदर्शन करने में कठिनाई होती है। इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार नई दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर पंजाब में विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र विकसित करेगी।
उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के निर्माण से न केवल व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक आयोजन भी संभव हो सकेंगे।
निवेशकों के लिए बड़ा मंच बना प्रगतिशील पंजाब सम्मेलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन राज्य में निवेश को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। यहां देश और विदेश से आए निवेशक विचारों का आदान-प्रदान कर रहे हैं और नए व्यापारिक अवसरों की तलाश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनता है और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। साथ ही पंजाब में विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र बनने से भविष्य में इस तरह के बड़े औद्योगिक कार्यक्रमों का आयोजन और आसान होगा।
कृषि से मूल्यवर्धित निर्यात की ओर बढ़ रहा पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब को पारंपरिक कृषि मॉडल से आगे बढ़ाकर मूल्यवर्धित कृषि और निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में ले जाना चाहती है।
उन्होंने बताया कि पंजाब लंबे समय से देश का अन्न भंडार रहा है और राज्य हर साल बड़ी मात्रा में गेहूं और चावल का उत्पादन करता है। लेकिन अब समय आ गया है कि कृषि उत्पादों को प्रोसेस कर वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाए। इस दिशा में फूड प्रोसेसिंग उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
फूड प्रोसेसिंग से किसानों की आय बढ़ाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में फूड प्रोसेसिंग के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पठानकोट की लीची, होशियारपुर के आम और जालंधर के आलू जैसी फसलें प्रोसेसिंग के जरिए किसानों की आय में बड़ा इजाफा कर सकती हैं।
सरकार का मानना है कि पंजाब में विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र बनने से फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रस्तुत करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
अगले 50 वर्षों के लिए आर्थिक विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार केवल वर्तमान विकास पर ही नहीं बल्कि आने वाले 50 वर्षों की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बना रही है। सरकार का लक्ष्य पंजाब को एक मजबूत निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना है।
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उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि पंजाब में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, मजबूत औद्योगिक क्लस्टर और बाजारों से बेहतर कनेक्टिविटी मौजूद है।
कृषि विविधीकरण और पर्यावरण पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं-धान के फसल चक्र से बाहर निकलने के लिए कृषि विविधीकरण जरूरी है। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में सब्जियों की खेती से भूजल स्तर में सुधार भी देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों को नई फसलों से समान या अधिक आय मिलेगी तो वे स्वाभाविक रूप से विविध फसलों की ओर बढ़ेंगे। इस दिशा में फूड प्रोसेसिंग उद्योग महत्वपूर्ण समाधान साबित हो सकता है।
नवीकरणीय ऊर्जा और बायोएनर्जी पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रही है। पंजाब में हर साल बड़ी मात्रा में धान की पराली उत्पन्न होती है, जिसे अब बायोएनर्जी परियोजनाओं के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल पराली प्रबंधन की समस्या हल होगी बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी और उद्योगों को स्वच्छ ईंधन मिलेगा।
पंजाब को निर्यात हब बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पहले से ही कृषि, इंजीनियरिंग सामान, टेक्सटाइल और ऑटो कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में मजबूत निर्यात आधार रखता है। राज्य में 14 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं जो आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र बनने से राज्य को वैश्विक व्यापार और निवेश के लिए नई पहचान मिलेगी और यह पंजाब को उत्तरी भारत के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम होगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
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