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पंजाब की शिक्षा क्रांति का उदय: अब ईंट-भट्ठा मजदूर की बेटी भी बनी टॉपर, केजरीवाल ने सराहा मान सरकार का मॉडल

अरविंद केजरीवाल ने पंजाब 8वीं बोर्ड के नतीजों में मजदूर की बेटी के टॉपर बनने पर खुशी जताई। इसे पंजाब की शिक्षा क्रांति की बड़ी जीत बताया। पूरी खबर पढ़ें।

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की आठवीं कक्षा के नतीजों ने आज पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस बार के नतीजों में फरीदकोट की तमन्ना ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। तमन्ना के पिता एक ईंट-भट्टे पर मुनीम का काम करते हैं। इस बड़ी सफलता पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खुशी जाहिर करते हुए इसे पंजाब की शिक्षा क्रांति का असली परिणाम बताया है।

गरीब परिवारों के सपने हो रहे हैं सच

अरविंद केजरीवाल ने अपने संदेश में कहा कि यह देखना बेहद सुखद है कि अब पंजाब के साधारण और गरीब परिवारों के बच्चे न केवल बड़े सपने देख रहे हैं, बल्कि उन्हें हकीकत में बदल भी रहे हैं। उन्होंने कहा, “खूब पढ़ो, खूब बढ़ो बच्चों… यह इन बच्चों का हक है कि उन्हें विश्वस्तरीय शिक्षा मिले।” केजरीवाल के अनुसार, पंजाब की शिक्षा क्रांति का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि जन्म के आधार पर किसी बच्चे का भविष्य तय न हो, बल्कि उसे उसकी योग्यता के अनुसार अवसर मिलें।

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मान सरकार के प्रयासों का दिखने लगा असर

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पिछले दो वर्षों से पंजाब के सरकारी स्कूलों की कायाकल्प करने में जुटी है। केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि पंजाब की शिक्षा क्रांति केवल नारों तक सीमित नहीं है। स्कूलों में शानदार बुनियादी ढांचा, आधुनिक लैब और शिक्षकों को विदेशों में ट्रेनिंग दिलाने जैसे ठोस कदमों के कारण ही आज सरकारी स्कूलों के छात्र मेरिट लिस्ट में शीर्ष पर आ रहे हैं।

साधारण घरों से निकले असाधारण सितारे

इस वर्ष के नतीजों में टॉप 20 में से 19 स्थानों पर बेटियों का कब्जा रहा है। केजरीवाल ने कहा कि जब एक मजदूर की बेटी टॉपर बनती है, तो वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है। यह बदलाव साबित करता है कि पंजाब की शिक्षा क्रांति अब हर गांव और हर गली तक पहुंच चुकी है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी पहलों ने शिक्षा के स्तर को निजी स्कूलों से भी बेहतर बना दिया है।

भविष्य की राह: नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनेंगे बच्चे

केजरीवाल ने अपने विजन को दोहराते हुए कहा कि पंजाब की शिक्षा क्रांति के अगले चरण में बच्चों को ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ जैसे प्रोग्राम के जरिए आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब का हर बच्चा अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद न केवल अपने परिवार का पेट भर सके, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे।

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