शहीदी दिवस पर सीएम भगवंत सिंह मान ने भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी, विपक्ष पर निशाना साधा और शिक्षा, रोजगार व स्वास्थ्य योजनाओं का जिक्र किया।
शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर को श्रद्धांजलि देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और राजनीतिक शांति पर हमला बोला।
शहीदी दिवस के मौके पर उन्होंने कहा कि यह दिन देश को शहीदों की महान कुर्बानी की याद दिलाता है और हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
शहीदी दिवस पर विपक्ष पर निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नेताओं ने अपने परिवारों और नेताओं के नाम पर भव्य स्मारक तो बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को उचित सम्मान नहीं दिया। शहीदी दिवस पर उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आज तक भगत सिंह और उनके साथियों को भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया।
“अगर भगत सिंह प्रधानमंत्री होते…”
शहीदी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भगत सिंह देश के पहले प्रधानमंत्री होते, तो आज भारत की तस्वीर पूरी तरह अलग होती। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आज़ादी के बाद देश की कमान युवाओं को सौंपी जाती, तो भारत आज दुनिया का अग्रणी देश होता।
खटकड़ कलां और हुसैनीवाला में श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने खटकड़ कलां और हुसैनीवाला राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर शहीद जवानों को नमन किया।
शहीदी दिवस पर उन्होंने 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘हुसैनीवाला विरासत’ प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया, जो शहीदों की याद को संजोएगा।
हवाई अड्डों के नामकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने Shaheed Bhagat Singh International Airport का नामकरण कराने के लिए केंद्र सरकार से संघर्ष किया। साथ ही, Kartar Singh Sarabha के नाम पर हलवारा हवाई अड्डे का नाम रखने के लिए बातचीत जारी है।
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शिक्षा और रोजगार पर फोकस
शहीदी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा को गरीबी और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अब तक 65,000 सरकारी नौकरियां दे चुकी है और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
₹10 लाख स्वास्थ्य बीमा योजना
मुख्यमंत्री ने लोगों से ₹10 लाख के स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनवाने की अपील की। शहीदी दिवस पर उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार पंजाब के लोगों को इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
लोकतांत्रिक अधिकारों की अहमियत
मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट देने का अधिकार शहीदों की कुर्बानी का परिणाम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का सही उपयोग करें और किसी भी लालच में आकर वोट न बेचें।
पंजाब के योगदान का जिक्र
शहीदी दिवस पर उन्होंने कहा कि देश की आबादी में केवल दो प्रतिशत हिस्सेदारी होने के बावजूद, आज़ादी की लड़ाई में सबसे ज्यादा बलिदान पंजाब ने दिए। उन्होंने विभाजन के दौरान राज्य द्वारा झेली गई पीड़ा को भी याद किया।
रंगला पंजाब बनाने का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। शहीदी दिवस पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब को एक प्रगतिशील, समानतावादी और खुशहाल राज्य बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
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