महाराष्ट्र के बाद अब राजधानी दिल्ली में भी कोरोना के कम हो रहे मामलों के चलते स्कूलों को खोलने पर विचार किया जा रहा है| दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया से आज पेरेंट्स ने स्कूलों को फिर से खोले जाने की मांग की| कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते दिल्ली में स्कूलों को फिर से बंद कर दिया गया था। दूसरी लहर के बाद स्कूलों को खोल दिया गया था। पेरेंट्स को भी लगता है कि स्कूल ना जाने से बच्चों की पढ़ाई में गैप आ रहा है । अब जबकि विशेषज्ञों का भी मानना है कि तीसरी लहर का पीक गुजर गया है तो  स्कूलो को खोलने की मांग फिर से तेज हो गई।

दिल्ली के डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया से मिलने आज पैरेंट्स का डेलीगेशन पहुंचा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करते हुए बताया कि डॉ. लहरिया और अय्यरयामिनी के नेतृत्व में दिल्ली के बच्चों के माता-पिता का एक प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिला। इन लोगों ने स्कूलों को फिर से खोलने के लिए 1600 से अधिक अभिभावकों द्वारा हस्ताक्षरित एक ज्ञापन मुझे सौंपा। हम इस पर निर्णय लेने वाले प्रमुख देशों में अंतिम क्यों हैं? दिल्ली में केस लगातार कम होते जा रहे हैं और पॉजिटिविटी दर भी कम होती जा रही है। ऐसे में गुरुवार को डीडीएमए की बैठक के बाद पाबंदियां कम हो सकती है।

दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू और काफी पाबंदियां जल्द हटने के आसार हैं। कल होने वाली डीडीएमए की मीटिंग मे इस पर कुछ फैसला हो सकता है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि देश में बेशक कोरोना की तीसरी लहर चल रही है, लेकिन दिल्ली में यह पांचवीं लहर है।

यहां कम होते मामलों के बीच पाबंदियों को जल्द हटाया जाएगा। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना के 57,132 सैंपल की जांच की गई और इस दौरान 6,028 नए मरीजों की पुष्टि हुई। मंगलवार को संक्रमण दर 10.55 पर्सेंट दर्ज हुई जो सोमवार (11.97 पर्सेंट) की तुलना में कम है।

कम होते कोरोना के मामलों को देखते हुए पेरेंट्स की गुहार पर विचार करते हुए जल्द ही स्कूलों को खोलने पर निर्णय लिया जा सकता है।