पितृ पक्ष एकादशी कब है 6 या 7 अक्टूबर? जानें एकादशी श्राद्ध की सही डेट और मुहूर्त
पितृ पक्ष एकादशी 2026 की सही तारीख 6 अक्टूबर है। जानें एकादशी श्राद्ध का मुहूर्त, तिथि और इंदिरा एकादशी का धार्मिक महत्व।
पितृ पक्ष के दौरान आने वाली एकादशी तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इसे इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है, जिनकी मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो। साल 2026 में एकादशी की तारीख को लेकर कई लोगों के मन में असमंजस है कि यह 6 अक्टूबर को है या 7 अक्टूबर को। ऐसे में आइए जानते हैं पितृ पक्ष एकादशी 2026 की सही तारीख और श्राद्ध के प्रमुख मुहूर्त।
6 अक्टूबर को होगी पितृ पक्ष की एकादशी
पंचांग के अनुसार, आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 अक्टूबर 2026 को सुबह 2 बजकर 07 मिनट से शुरू होगी और 7 अक्टूबर को रात 12 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि और श्राद्ध परंपरा को ध्यान में रखते हुए पितृ पक्ष एकादशी 2026 का श्राद्ध 6 अक्टूबर को किया जाएगा।
इस तिथि को इंदिरा एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत, श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
एकादशी श्राद्ध के प्रमुख मुहूर्त
पितृ पक्ष एकादशी 2026 पर श्राद्ध कर्म के लिए दिन में कई शुभ समय बताए गए हैं।
कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:33 बजे से 1:20 बजे तक
अपराह्न काल: दोपहर 1:20 बजे से 3:40 बजे तक
पितरों का श्राद्ध और तर्पण करते समय परिवार अपनी परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त का चयन कर सकता है।
किसका किया जाता है एकादशी श्राद्ध?
एकादशी श्राद्ध उन परिवार के सदस्यों और पूर्वजों के लिए किया जाता है, जिनकी मृत्यु किसी भी पक्ष की एकादशी तिथि को हुई हो। यानी मृतक की मृत्यु शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष की एकादशी को हुई है तो पितृ पक्ष की इस एकादशी पर उनका श्राद्ध किया जा सकता है।
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इसी वजह से इसे एकादशी श्राद्ध और ग्यारस श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है। पितृ पक्ष एकादशी 2026 पर श्राद्ध के साथ पितरों के निमित्त तर्पण और अन्य धार्मिक कर्म किए जाते हैं।
इंदिरा एकादशी का क्या है महत्व?
धार्मिक मान्यताओं में इंदिरा एकादशी को पितरों की शांति और मोक्ष से जोड़कर देखा जाता है। कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से श्राद्ध करने से पूर्वजों को शांति मिलती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है।
मान्यता यह भी है कि इंदिरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को नकारात्मक कर्मों से मुक्ति और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। हालांकि, इन धार्मिक मान्यताओं का आधार आस्था और परंपराएं हैं।
इंदिरा एकादशी के शुभ मुहूर्त
पितृ पक्ष एकादशी 2026 के दिन कई शुभ मुहूर्त भी रहेंगे। पंचांग के अनुसार इनके समय इस प्रकार हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:39 बजे से 5:28 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 5:03 बजे से 6:17 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:07 बजे से 2:53 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:01 बजे से 6:26 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 6:01 बजे से 7:15 बजे तक
अमृत काल: रात 8:44 बजे से 10:17 बजे तक
6 या 7 अक्टूबर, किस दिन करें श्राद्ध?
अगर आप सोच रहे हैं कि पितृ पक्ष एकादशी 2026 का श्राद्ध 6 अक्टूबर को करना है या 7 अक्टूबर को, तो दी गई तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म 6 अक्टूबर को किया जाएगा। एकादशी तिथि 6 अक्टूबर की सुबह शुरू होकर 7 अक्टूबर की मध्यरात्रि से पहले समाप्त हो जाएगी।
इसलिए एकादशी श्राद्ध के लिए 6 अक्टूबर 2026 की तारीख को नोट कर लें और श्राद्ध कर्म अपनी पारिवारिक परंपरा तथा स्थानीय पंचांग के अनुसार करें।
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