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जसप्रीत बुमराह ने मुरलीधरन और मैक्ग्रा को छोड़ा पीछे, बटलर-ब्रॉड की सूची में तीसरे नंबर पर; जानें नंबर-1 गेंदबाज कौन

जोस बटलर और स्टुअर्ट ब्रॉड की 21वीं सदी के टॉप-10 गेंदबाजों की सूची में जसप्रीत बुमराह तीसरे नंबर पर हैं। जानें नंबर-1 कौन है।

भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों में गिना जाता है। अब इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर और पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने भी उन्हें 21वीं सदी के शीर्ष गेंदबाजों की अपनी सूची में तीसरा स्थान दिया है। इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न पहले और इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन दूसरे स्थान पर हैं।

बटलर और ब्रॉड ने अपने पॉडकास्ट ‘फॉर द लव ऑफ क्रिकेट’ में यह सूची चुनी। इसमें जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा और श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। वहीं, भारत के रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और अनिल कुंबले को इस शीर्ष-10 सूची में जगह नहीं मिली।

शेन वॉर्न को पहला और जेम्स एंडरसन को दूसरा स्थान

बटलर और ब्रॉड की रैंकिंग में शेन वॉर्न शीर्ष पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज लेग स्पिनर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 1,001 विकेट हासिल किए थे। उनकी फिरकी ने कई पीढ़ियों के बल्लेबाजों को चुनौती दी और उन्हें क्रिकेट इतिहास के महानतम स्पिन गेंदबाजों में शामिल किया जाता है।

इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन को दूसरा स्थान मिला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 991 विकेट लिए और टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में अपनी पहचान बनाई। एंडरसन ने लंबे समय तक इंग्लैंड की गेंदबाजी को मजबूती दी और स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ मिलकर कई यादगार प्रदर्शन किए।

इस सूची में जसप्रीत बुमराह को तीसरे नंबर पर रखा गया है। यह रैंकिंग बटलर और ब्रॉड की व्यक्तिगत पसंद को दर्शाती है, इसे किसी आधिकारिक क्रिकेट संस्था की रैंकिंग नहीं माना जाना चाहिए।

मैक्ग्रा और मुरलीधरन से ऊपर क्यों हैं बुमराह?

सूची में ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा चौथे और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन छठे स्थान पर हैं। मैक्ग्रा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 949 विकेट लिए। वह ऑस्ट्रेलिया की तीन विश्व कप विजेता टीमों का हिस्सा रहे और अपनी सटीक लाइन-लेंथ के लिए प्रसिद्ध थे। विश्व कप में उनके नाम 71 विकेट दर्ज हैं।

दूसरी ओर, मुरलीधरन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 1,347 विकेट हासिल किए, जो इस स्तर पर किसी भी गेंदबाज के सबसे ज्यादा विकेट हैं। उन्होंने श्रीलंका को 1996 का वनडे विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई और 2002 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे।

इन दिग्गजों से ऊपर जसप्रीत बुमराह को रखना चर्चा का विषय है। हालांकि, गेंदबाजों की तुलना सिर्फ कुल विकेटों के आधार पर नहीं होती। अलग-अलग प्रारूपों में प्रदर्शन, गेंदबाजी का प्रभाव, परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता और विरोधी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने जैसे पहलू भी किसी खिलाड़ी के मूल्यांकन में अहम हो सकते हैं।

बुमराह के अंतरराष्ट्रीय आंकड़े क्या कहते हैं?

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, बुमराह ने 243 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 511 विकेट लिए हैं। वह 18 बार पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं। उनकी गेंदबाजी में सटीक यॉर्कर, गति में बदलाव और असामान्य एक्शन का विशेष महत्व है।

टेस्ट क्रिकेट में बुमराह ने विदेशी परिस्थितियों में भी अपनी क्षमता साबित की है। वहीं, सीमित ओवरों के प्रारूप में वह खास तौर पर डेथ ओवरों में अपनी सटीक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। दबाव के क्षणों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण रही है।

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जसप्रीत बुमराह ने भारत की टी20 विश्व कप जीत में भी अहम योगदान दिया है। वह 2024 टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। दिए गए विवरण के अनुसार, 2026 टी20 विश्व कप फाइनल में भी उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

अश्विन, जडेजा और कुंबले को नहीं मिली जगह

बटलर और ब्रॉड की सूची में भारत के अनुभवी स्पिनरों रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और अनिल कुंबले शामिल नहीं हैं। अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी फिरकी से शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। जडेजा गेंद और बल्ले दोनों से भारतीय टीम के लिए योगदान देते रहे हैं, जबकि कुंबले भारत के सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों में गिने जाते हैं।

किसी व्यक्तिगत सूची में इन खिलाड़ियों का शामिल न होना उनकी उपलब्धियों को कम नहीं करता। अलग-अलग पूर्व खिलाड़ी अपने अनुभव, पसंद और क्रिकेट के आकलन के आधार पर गेंदबाजों को रैंक करते हैं। इसलिए ऐसी सूचियों पर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है।

21वीं सदी के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों की सूची क्यों है खास?

जसप्रीत बुमराह को तीसरा स्थान मिलना इस बात को रेखांकित करता है कि आधुनिक क्रिकेट में उनका प्रभाव कितना बड़ा माना जाता है। कम समय में उन्होंने तीनों प्रारूपों में अपनी पहचान बनाई और दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों के खिलाफ प्रभावी प्रदर्शन किया है।

हालांकि, शेन वॉर्न, जेम्स एंडरसन, ग्लेन मैक्ग्रा और मुथैया मुरलीधरन जैसे गेंदबाजों के करियर और रिकॉर्ड भी असाधारण रहे हैं। ऐसे में इस सूची को सभी की सहमति वाली अंतिम रैंकिंग के बजाय बटलर और ब्रॉड की क्रिकेट संबंधी राय के रूप में देखना बेहतर होगा।

कुल मिलाकर, बुमराह का तीसरे स्थान पर रहना भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उत्साहजनक है। उनकी गेंदबाजी की निरंतरता, अलग-अलग परिस्थितियों में प्रदर्शन और मैच का रुख बदलने की क्षमता उन्हें मौजूदा दौर के सबसे चर्चित तेज गेंदबाजों में शामिल करती है।

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