पंजाब की पवित्र भूमि से “थैंक्सगिविंग यात्रा” की औपचारिक शुरुआत की गई, जिसे खालसा पंथ की स्थापना स्थली से एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह यात्रा गुरु साहिब के चरणों में आभार व्यक्त करने का प्रतीक है, क्योंकि राज्य में बेअदबी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए एक सख्त कानून लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण सेवा की जा रही है।
ਖਾਲਸਾ ਪੰਥ ਦੀ ਸਾਜਨਾ ਭੂਮੀ ਤੋਂ ‘ਸ਼ੁਕਰਾਨਾ ਯਾਤਰਾ’ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ.. ਬੇਅਦਬੀ ਰੋਕਣ ਲਈ ਸਖ਼ਤ ਕਾਨੂੰਨ ਪਾਸ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਅਹਿਮ ਸੇਵਾ ਬਖ਼ਸ਼ਣ ‘ਤੇ, ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਚਰਨਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਕਰਾਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸ਼ਾਂਤੀ ਤੇ ‘ਸਰਬੱਤ ਦੇ ਭਲੇ’ ਦੀ ਅਰਦਾਸ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗੀ। pic.twitter.com/gf1UL81sx1
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 6, 2026
मुख्यमंत्री ने इसे पंजाब की आस्था, एकता और सामाजिक सद्भाव के लिए एक अहम पहल बताते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर हाल में धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रयास के साथ पंजाब में शांति, समृद्धि और “सरबत दा भला” की भावना को और मजबूत किया जाएगा।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प है कि समाज में सद्भाव बना रहे और किसी भी प्रकार की धार्मिक अवमानना को सख्ती से रोका जाए। इस पूरे अभियान को गुरु साहिब की कृपा और जनसमर्थन का परिणाम बताया गया।
इस तरह, “थैंक्सगिविंग यात्रा” को पंजाब की धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



