गुरु यानी बृहस्पति कुंभ राशि में 19 फरवरी 2022 शनिवार को 10:00 बज के 23 मिनट पर अस्त हो जाएंगे और कुंभ राशि में 22 मार्च 2022 रविवार को 7:50 पर उदय होगा । जानकारों के मुताबिक गुरु ग्रह 20 नवंबर 2021 की रात 11:07 पर धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण में गोचर करते हुए कुंभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं।

अब गुरु कुंभ राशि में दिसंबर 2022 तक रहेगा । वही ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक गुरु एक राशि में लगभग 13 महीने तक गोचर करते हैं देव गुरु बृहस्पति लगभग 12 वर्षों में सभी 12 राशियों का भ्रमण पूर्ण कर लेते हैं यानी इस साल गुरु जिस राशि में है उसी में लौटने पर करीब 12 वर्षों का समय लगेगा। कुंभ राशि प्रवेश के साथ ही शनि गुरु का युति संबंध भंग हो चुका है गुरु का कुंभ राशि में प्रवेश के समय सर्वार्थ सिद्धि योग में बना था।

8 राशियों को गुरु ग्रह राशि परिवर्तन का असर देखने को मिलेगा गुरु ग्रह का यह 2022 में यह परिवर्तन 8 राशियों में वृषभ मिथुन सिंह तुला धनु मकर और कुंभ राशि के लिए शुभ रहने वाला है इन राशियों के जातकों को ग्रुप के प्रभाव से अधिकांश कार्यों में सफलता मिलेगी। साथ ही कैरियर में तरक्की के योग बन रहे हैं इस साल इन राशियों पर गुरु की कृपा से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी बना रहेगा।

आइए जानें किन किन राशियों को मिलेगा अशुभ फल

आपको बता दे गुरु की चाल 3 राशियों पर भारी रहने वाली है जिसमें कन्या वृश्चिक और मीन राशि के लिए अशुभ फल देने वाली रहेगी जिन राशियों में गुरु नीच के हैं उन्हें विवाद दुश्मनी और व्यापार में घाटा देखने को मिल सकता है इसके अलावा भी कर्क राशि के लिए यह गुरु के कुंभ राशि में होने से मिश्रित फल देने वाला रहेगा यानी इस राशि के जातकों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन फिर भी इन्हें अपना हर एक कदम सावधानी से आगे बढ़ाने की जरूरत है।