UP Assembly Election : चुनावों का दौर है बड़ा संभल के चलो यारों! सूबे में कब क्या बड़ा उलटफेर हो जाए कह नहीं सकते। अब खबर आ रही है समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव जिला संभल की गुन्नोर विधानसभा सीट से चुनाव के मैदान में सामने आ सकते हैं। ऐसा केवल कयास लगाया जा रहा है चूंकि चुनाव लड़ने का फैसला समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पहले ही कर चुके हैं। उधर सत्तारूढ़ पार्टी के प्रत्याशी योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर से लड़ना तय हो चुका है।वहीं शिवपाल यादव को जसवंतनगर से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

क्या कहते हैं गुन्नौर विधानसभा सीट के सियासी समीकरण ?

जानकारी के लिए आपको बता दें कि जिला संभल पश्चिमोत्तर के मुरादाबाद मंडल में बसा हुआ है और गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र, संभल में ही आती है। गुन्नौर एक ऐसी सीट है जहां समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है। गन्नौर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव दो बार विधायक चुने गए वहीं रामगोपाल यादव और जावेद अली खान भी यहां से विधायक रह चुके हैं।हालांकि साल 2017 के विधानसभा चुनावों में समर्थन भाजपा के पक्ष में गया था। भाजपा के अजीत सिंह उर्फ राजू यादव ने सपा के पूर्व विधायक रामखिलाड़ी यादव को हरा दिया था।

यह सीट मुस्लिम और यादव बहुल मानी जाती है। संभल की यदि बात करें तो यह पश्चिमी यूपी में सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाला शहर है। यहां के परिणामो में यादव और मुसलमान बड़ा फैक्टर साबित होते हैं। शायद यही कारण है जिससे आजमगढ़ जिले से चुनाव लड़ने वाले अखिलेश इस बार गुन्नौर से क़िस्मत आजमाना चाहते हैं।

समाजवादी पार्टी इस बार बड़े सोच समझकर कदम रख रही है समाजवादी पार्टी के पूर्व पंचायत मंत्री कमाल अख्तर को लखनऊ बुलाकर अखिलेश यादव ने जिला अमरोहा के नौगांवा सादात से सपा प्रत्याशी के रूप में उतारा था लेकिन पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल के भाजपा प्रत्याशी के रूप में आने से कमाल अख्तर के कांठ से प्रत्याशी होने की खबर है।

वहीं जानकारी के तौर पर बता दें कि भाजपा के वर्तमान विधायक अजीत सिंह उर्फ राजू यादव को बीजेपी ने गुन्नौर विधानसभा सीट से प्रत्याशी के रूप में उतारा है।