उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो चली है. यूपी प्रथम चरण के लिए होने वाले मतदान का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. कल यानी 10 फरवरी को पहले फेज के लिए वोटिंग होनी है. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने प्रदेश में चुनाव प्रचार पर भी रोक लगा दी है. इस बीच अब राजनीतिक दलों की नजरें चुनाव के दूसरे चरण पर आ टिकी हैं. लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि राजनीति में अपराधिकरण का विरोध और चुनाव सुविधा की दुहाई देने वाले राजनीतिक दल धड़ल्ले से ऐसे लोगों को टिकट दे रहे हैं, जिनका अपना क्रिमनल रिकॉर्ड है.

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करीब 25 प्रतिशत उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि

यूपी विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की बात करें तो चुनाव में करीब 25 प्रतिशत उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ओर से हाल ही में जारी किए गए एक विश्लेषण के अनुसार, दूसरे चरण के 584 उम्मीदवारों में से 147 पर आपराधिक मामले हैं. आपको बता दें ​कि एडीआर ने 586 उम्मीदवारों में से 584 के हलफनामों का विश्लेषण किया है, इनमें लगभग 147 पर आपराधिक मामले हैं।

किस राजनीतिक दल ने कितने क्रिमनल रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों को दिया टिकट

  • सपा के 52 में से 35
  • कांग्रेस के 54 में से 23
  • बसपा के 55 में से 20
  • बीजेपी के 53 में से 18
  • रालोद के 3 में से 1 प्रत्याशी
  • आप के 49 उम्मीदवारों में से 7

गंभीर आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों में—

  • सपा के 52 उम्मीदवारों में से 25
  • कांग्रेस के 54 उम्मीदवारों में से 16
  • बसपा के 55 उम्मीदवारों में से 15
  • बीजेपी के 53 उम्मीदवारों में से 11
  • रालोद के 3 में से 1 उम्मीदवार
  • आप के 49 में से 6 उम्मीदवार

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एक उम्मीदवार पर कत्ल का केस दर्ज

यहां गौर करने वाली बात यह है कि छह उम्मीदवारों की ओर से महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े कुछ मामलों की भी घोषणा की गई है. जबकि दूसरे एक उम्मीदवार पर कत्ल का केस दर्ज है.