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स्वच्छ ऊर्जा की ओर यूपी के बढ़ते कदम: गाजियाबाद बना नया रोल मॉडल, सौर ऊर्जा से रोज बच रहे 4 करोड़ रुपये

उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा अभियान के तहत गाजियाबाद ने नए घरों के लिए सोलर रूफटॉप अनिवार्य किया। सौर ऊर्जा से यूपी में हर दिन 4 करोड़ रुपये की बचत और हजारों को रोजगार मिल रहा है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और बिजली आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के संकल्प को साकार करते हुए अब गाजियाबाद जनपद ने एक क्रांतिकारी पहल की है। औरैया मॉडल की सफलता के बाद गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने नए आवासीय भवनों के लिए ‘सोलर रूफटॉप’ और ‘वर्षा जल संचयन’ को अनिवार्य कर दिया है।

नक्शा पास कराने के लिए नए नियम अनिवार्य

गाजियाबाद प्रशासन के नए आदेश के अनुसार, अब जनपद में किसी भी नए आवासीय भवन का नक्शा तभी स्वीकृत किया जाएगा, जब उसमें सोलर पैनल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का स्पष्ट प्रावधान होगा। उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा अभियान के तहत यह कदम बिजली की भारी बचत और गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए उठाया गया है। स्थानीय नगर निगम, नगर पालिकाएं और नगर पंचायतें इस नियम को कड़ाई से लागू करने के लिए अपने बोर्ड में प्रस्ताव पारित कर रही हैं।

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सौर ऊर्जा से करोड़ों की बचत और रोजगार के अवसर

उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण प्रदेश में वर्तमान में 1440 मेगावाट की रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित हो चुकी है। इस क्षमता के माध्यम से प्रतिदिन 60 लाख यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन बिना कोयला जलाए किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के इस सफल मॉडल से प्रदेश के नागरिकों को हर दिन औसतन 4 करोड़ रुपये की बिजली बचत का सीधा लाभ मिल रहा है। इतना ही नहीं, सौर ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार से प्रदेश में लगभग 60 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।

5000 एकड़ बेशकीमती जमीन का संरक्षण

इस रूफटॉप मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किसी अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा को छतों पर अपनाकर सरकार ने लगभग 5000 एकड़ बेशकीमती जमीन का संरक्षण किया है। इस जमीन का उपयोग अब अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं और औद्योगिक गलियारों के लिए किया जा सकता है।

औरैया और गाजियाबाद की पहल बनी प्रेरणा

योगी सरकार अब गाजियाबाद और औरैया की इस संयुक्त नीति को पूरे राज्य में लागू करने की योजना बना रही है। उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में गाजियाबाद का यह मॉडल अन्य जिलों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।

“हमारा लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का ‘ग्रीन एनर्जी हब’ बनाना है। गाजियाबाद जैसी पहल से न केवल पर्यावरण सुरक्षित होगा, बल्कि आम जनता के बिजली बिलों में भी भारी कटौती होगी।”

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