वास्तु टिप्स: वास्तु शास्त्र के अनुसार दूसरों से अंगूठी, रुमाल, घड़ी और कलम लेकर इस्तेमाल करने से आपके जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जानिए क्यों इन चीजों से बचना जरूरी है।
वास्तु टिप्स: वास्तु शास्त्र में जीवन को सकारात्मक ऊर्जा और उन्नति की दिशा में लेकर जाने के अनेक उपाय बताए गए हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण पहलू है—दूसरों से वह वस्तुएँ न लेना जिन्हें आप पहनें या इस्तेमाल करें। विशेषज्ञों की मानें तो इन सामग्रियों से आपकी मानसिक स्थिरता, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
वास्तु टिप्स: दूसरों से ये वस्तुएँ न ले
अंगूठी: नकदी और ऊर्जा की हानि: वास्तु टिप्स के अनुसार, दूसरों से ली गई अंगूठी पहनना अत्यंत हानिकारक होता है। इसका पहनना आपकी आर्थिक स्थिरता में बाधा, नकदी की कमी, और जमा पूंजी के समाप्त होने का कारण बन सकता है। इसके अलावा, जिस व्यक्ति से यह अंगूठी आती है, उसकी नकारात्मक ऊर्जा आपके शरीर और मन पर असर डाल सकती है।
रुमाल: स्वास्थ्य और रिश्तों की बर्बादी: प्रयोग की गई रुमाल भी वास्तु में वर्जित मानी जाती है। इसे इस्तेमाल करने से न केवल आपकी साफ-सफाई की आदतें प्रभावित होती हैं, बल्कि आपके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। खासकर वैवाहिक या रोमांटिक रिश्तों में इससे गलतफहमियां और झगड़े की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
घड़ी: करियर में रुकावट और अवरोध: वारिसित या इस्तेमाल की हुई घड़ी यानि दूसरे की घड़ी पहनना वास्तु के अनुसार आपके प्रोफेशनल लाइफ में बाधाएं उत्पन्न करता है। यह आपके करियर को धीमा कर सकता है, आपके प्रोजेक्ट रुक सकते हैं और पेशेवर जीवन में निराशा आ सकती है।
कलम: शिक्षा और रचनात्मकता पर असर: दूसरों की कलम, पेन या लेखन सामग्री का उपयोग करना वास्तु में बेहद अनुचित माना गया है। यह माता सरस्वती का प्रसन्नता-भग्न कर सकता है और आपके लेखन, पढ़ाई या ऑफिस कार्यों में गड़बड़ी का कारण बन सकता है। विशेष रूप से जब आप परीक्षा दे रहे हों, दस्तावेज साइन कर रहे हों या कोई रचनात्मक कार्य कर रहे हों, तो यह और भी हानिकारक होता है।
वास्तु के अनुसार क्यों रखें दूरी?
वास्तु शास्त्र कहता है कि इन चार वस्तुओं—अंगूठी, रुमाल, घड़ी और कलम—को दूसरों से लेकर इस्तेमाल करना आपकी ऊर्जा पर बुरा प्रभाव डालता है। इससे आपकी आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और पेशेवर जीवन प्रभावित हो सकता है। इसलिए, इन वस्तुओं को व्यक्तिगत रूप से रखना श्रेष्ठ साबित होता है।
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