ज़घड़िया GIDC हादसा: मेट्रोपॉलिटन केमिकल फैक्ट्री में लापरवाही से 2 मजदूरों की मौत। AAP विधायक चैतर वसावा ने मौके पर पहुंचकर जांच और न्याय की मांग की।
गुजरात के भरूच जिले में स्थित ज़घड़िया GIDC हादसा आज औद्योगिक सुरक्षा के दावों की पोल खोलता नजर आया। ज़घड़िया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ‘मेट्रोपॉलिटन केमिकल प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी में हुई एक भीषण दुर्घटना में दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
कंपनी की लापरवाही ने ली जान
शुरुआती जांच और स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह ज़घड़िया GIDC हादसा कंपनी की कथित लापरवाही के कारण हुआ है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हुआ। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
चैतर वसावा ने घटनास्थल पर पहुंचकर की न्याय की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और विधायक चैतर वसावा तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनकी व्यथा सुनी। चैतर वसावा ने इस ज़घड़िया GIDC हादसा को लेकर कंपनी प्रबंधन को आड़े हाथों लिया और प्रशासन से सवाल किया कि आखिर बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं।
ઝઘડિયા GIDC માં આવેલ મેટ્રોપોલિટન કેમિકલ પ્રાઇવેટ લિમિટેડ કંપનીની બેદરકારીથી 2 કામદારોના મોત થયા હતા અને કેટલાય કામદારો હજી ઘાયલ છે.
આ ઘટનાના પીડિત પરિવારોએ અમારો AAP ધારાસભ્ય @Chaitar_Vasava ને આ ઘટનામાં ન્યાય અપાવવા માટે મદદ માંગી હતી ત્યારે AAP ધારાસભ્ય શ્રી ચૈતર વસાવા સ્થળે… pic.twitter.com/s1l9sWCIa0
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) April 27, 2026
also read:- AAP विधायक चैतर वसावा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, चुनाव…
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
विधायक चैतर वसावा ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। चैतर वसावा ने चेतावनी दी कि यदि मृत मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा नहीं मिला और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील
यह ज़घड़िया GIDC हादसा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा धब्बा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में गैस रिसाव या तकनीकी खराबी की शिकायतों को पहले भी नजरअंदाज किया गया था। अब प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या कंपनी के पास वैध सुरक्षा प्रमाणपत्र थे या नहीं।
चैतर वसावा ने स्पष्ट किया कि वे इस लड़ाई को तब तक जारी रखेंगे जब तक कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



