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अमित शाह बोले: ‘सनातन धर्म सूरज और चांद की तरह अमर, सोमनाथ मंदिर हमारी आस्था का प्रतीक’

अमित शाह ने सोमनाथ मंदिर और सनातन धर्म को लेकर कहा- “सनातन धर्म सूरज और चांद की तरह अमर है।” जानिए क्या कहा गृह मंत्री ने 1000 साल पुराने मंदिर पर हमलों और पुनर्निर्माण के बारे में।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गांधीनगर में आयोजित विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के दौरान सोमनाथ मंदिर और सनातन धर्म को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। शाह ने कहा कि भारत के सनातन धर्म, संस्कृति और लोगों की आस्था को खत्म करना आसान नहीं है और यह सूरज और चांद की तरह शाश्वत और अमर है।

उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर को बीते सदियों में कई बार तोड़ा गया, लेकिन आज यह मंदिर गर्व और सम्मान के साथ खड़ा है। शाह ने कहा, “16 बार तबाह किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर 1000 साल बाद भी अपने आप में शक्ति, आस्था और विश्वास का प्रतीक है। इसके शीर्ष पर धर्मध्वजा आज भी लहरा रही है।”

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केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि सोमनाथ मंदिर पर हमले केवल एक धार्मिक स्थल पर हमला नहीं थे, बल्कि यह हमारी आस्था, विश्वास और आत्मसम्मान पर हमला था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमले का जवाब हिंसा या फिर से हमला नहीं हो सकता, इसका उत्तर सिर्फ आत्म-सम्मान में छिपा है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और पीएम मोदी का योगदान

गृह मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 जनवरी को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ किया था। यह पर्व महमूद गजनी के 1026 में मंदिर पर हमले और इसके पुनर्निर्माण के 1000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। शाह ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर के भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा और साल भर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर जनता को जागरूक किया जाएगा।

इतिहास और पुनर्निर्माण की गाथा

अमित शाह ने बताया कि सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनी के बाद अन्य हमलावर जैसे अलाउद्दीन खिलजी, अहमद शाह, महमूद बेगड़ा और औरंगजेब ने भी हमले किए, लेकिन हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। उन्होंने कहा कि हमलावर मिट गए, लेकिन मंदिर आज भी गर्व और सम्मान के साथ खड़ा है, जो हमारी आस्था, संस्कृति और विश्वास का प्रतीक है।

शाह ने स्पष्ट किया कि सोमनाथ मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर का मंदिर नहीं, बल्कि यह भारत की सनातन संस्कृति और जनता की आस्था का अमूल्य प्रतीक है।

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