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पंजाब: सीमावर्ती किसानों के लिए बड़ी राहत: अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ लगी कांटेदार बाड़ को 200 मीटर आगे स्थानांतरित किया जाएगा

पंजाब: मुख्यमंत्री भगवंत मान की पहल से दशकों पुरानी समस्या का समाधान हुआ, खेती और आवागमन आसान हो जाएगा।

पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले किसानों को बड़ी राहत मिली है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी कांटेदार बाड़ को 200 मीटर आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इस कदम से हजारों सीमावर्ती किसानों को सीधा लाभ होगा, जो वर्षों से खेती-बाड़ी करते समय कड़ी पाबंदियों और जांच संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप धालीवाल ने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए मुख्यमंत्री मान का आभार व्यक्त किया।

कुलदीप धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री मान ने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बैठक के दौरान सीमावर्ती किसानों के दशकों पुराने मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया, जिसके बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि पंजाब की लगभग 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कृषि योग्य भूमि का एक बड़ा हिस्सा बाड़ के बाहर स्थित था। अब बाड़ को आगे बढ़ाने से हजारों एकड़ जमीन बाड़ के अंदर आ जाएगी, जिससे किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों का अंत हो जाएगा।

धलीवाल ने बताया कि पहले किसानों को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ही सीमित समय के लिए खेती करने की अनुमति थी। इसके अलावा, किसानों, महिलाओं और खेतिहर मजदूरों को रोजाना कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता था, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक कष्ट होता था। कई क्षेत्रों में बाड़ के दूसरी तरफ ट्यूबवेल कनेक्शन न होने के कारण सिंचाई की समस्या से भारी नुकसान होता था। बाड़ हटाए जाने के बाद अब किसान बिना किसी डर या प्रतिबंध के अपनी जमीन पर स्वतंत्र रूप से खेती कर सकेंगे।

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आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि इस फैसले से न केवल खेती आसान होगी बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएंगे। इससे किसानों की आजीविका मजबूत होगी और उनकी गरिमा एवं सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय दर्शाता है कि मुख्यमंत्री मान की सरकार जमीनी मुद्दों को गंभीरता से लेती है और किसानों की चिंताओं को हर स्तर पर उठाती है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुलदीप धालीवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री मान ने बैठक में पंजाब के लंबित 10,000 करोड़ रुपये के ग्रामीण विकास कोष (आरडीएफ) का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री मान ने मांग की कि कम से कम 25 प्रतिशत राशि तत्काल जारी की जाए, जिस पर केंद्र ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

धलीवाल ने केंद्र के नए ‘बीज विधेयक’ का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसानों के हित में नहीं है, बल्कि कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए लाया गया है। मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब किसानों और कृषि विशेषज्ञों को विश्वास में लिए बिना लाए गए ऐसे कानूनों को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री मान की सरकार पंजाब और उसके किसानों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। 

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