दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: अब 1.20 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवार भी राशन कार्ड के पात्र होंगे। जानिए नई पात्रता शर्तें, नियम और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी।
दिल्ली सरकार ने खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब राजधानी में ऐसे परिवार भी राशन कार्ड के लिए पात्र होंगे, जिनकी सालाना आय 1.20 लाख रुपये तक है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। दिल्ली सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के दायरे में लाना है।
लाखों आवेदनों को मिलेगा समाधान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि स्पष्ट नियमों के अभाव में लंबे समय से बड़ी संख्या में आवेदन लंबित पड़े थे। वर्तमान में करीब 3.89 लाख आवेदन प्रक्रिया में अटके हुए हैं, जबकि लगभग 11.65 लाख लोग अभी भी खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नए नियम लागू होने के बाद इन आवेदनों की जांच तेज होगी और पात्र परिवारों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
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आय प्रमाणपत्र होगा अनिवार्य
राशन कार्ड बनवाने के लिए अब राजस्व विभाग द्वारा जारी आय प्रमाणपत्र जरूरी होगा। दिल्ली सरकार ने कुछ पात्रता शर्तें भी तय की हैं। जिन परिवारों के पास दिल्ली की ए से ई श्रेणी की कॉलोनियों में संपत्ति है, जो आयकर भरते हैं, जिनके पास निजी चार पहिया वाहन है (व्यावसायिक उपयोग वाले वाहन को छोड़कर), जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या जिनके घर में 2 किलोवाट से अधिक का बिजली कनेक्शन है – ऐसे परिवार इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।
जिला स्तर पर होगी जांच और प्राथमिकता तय
मुख्यमंत्री ने बताया कि आवेदनों की जांच और स्वीकृति जिला स्तरीय समितियों के माध्यम से की जाएगी। इन समितियों की अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट (DM) या अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) करेंगे। समिति में स्थानीय विधायक और संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल होंगे। साथ ही 20 प्रतिशत की वेटिंग लिस्ट तैयार की जाएगी ताकि भविष्य में रिक्त स्थान समय पर भरे जा सकें।
डेटा वेरिफिकेशन में सामने आई गड़बड़ियां
दिल्ली सरकार द्वारा किए गए डेटा सत्यापन में कई अनियमितताएं भी सामने आई हैं। जांच में करीब 6.46 लाख ऐसे लाभार्थी पाए गए, जिनकी आय संबंधी जानकारी नियमों से मेल नहीं खाती थी। इसके अलावा 95 हजार से अधिक ऐसे नाम सामने आए जो लंबे समय से सिस्टम में थे, लेकिन लाभ नहीं ले रहे थे। करीब 6 हजार मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर भी लाभ दर्ज पाया गया।
दिल्ली सरकार का कहना है कि नई पारदर्शी और जरूरत आधारित व्यवस्था लागू होने से फर्जी लाभार्थियों को हटाया जाएगा और वास्तविक जरूरतमंदों तक राशन की सुविधा सुनिश्चित की जा सकेगी।
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