आंखों के साइड से कम दिखना और सिर में दर्द: ग्लूकोमा के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें
ग्लूकोमा (काला मोतिया) के शुरुआती लक्षण: आंखों के साइड से कम दिखना, सिर दर्द, धुंधलापन। समय पर जांच और बचाव से अंधापन रोका जा सकता है।
ग्लूकोमा के शुरुआती लक्षण: आंखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना आज के समय में बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आंखों के साइड से दिखाई कम होना या सिर में तेज दर्द जैसी समस्याएं महसूस हों, तो इसे हल्के में न लें। यह ग्लूकोमा यानी काले मोतिया की शुरुआत हो सकती है, जो समय पर पहचान न होने पर अंधेपन तक का कारण बन सकती है।
ग्लूकोमा क्या है और किस अंग को प्रभावित करता है?
ग्लूकोमा एक गंभीर नेत्र रोग है, जो आंखों के अंदर दबाव बढ़ने के कारण ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाता है। ऑप्टिक नर्व, आंख और मस्तिष्क के बीच सूचना का संचार करती है। यदि इसका समय पर उपचार न किया जाए, तो यह नर्व पूरी तरह डैमेज हो सकती है और मरीज को दृष्टि हानि या अंधापन तक का सामना करना पड़ सकता है।
ग्लूकोमा के लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
ग्लू कोमा अक्सर धीरे-धीरे विकसित होता है। शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं:
आंखों के साइड से दिखाई कम होना
दृष्टि में धब्बे या धुंधलापन
तेज आंख और सिर का दर्द
रोशनी के चारों ओर इंद्रधनुषी छल्ले दिखाई देना
मतली या उल्टी
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये लक्षण समय रहते पहचान लिए जाएं, तो उचित इलाज से आंखों की सेहत बचाई जा सकती है।
ग्लूकोमा से बचाव के उपाय
नियमित रूप से आंखों की जांच करवाएं, विशेषकर 40 वर्ष से ऊपर के लोग।
हेल्दी डाइट को अपनाएं, जिसमें विटामिन A और C युक्त फल और सब्जियां शामिल हों।
डॉक्टर की सलाह अनुसार आंखों के लिए एक्सरसाइज और योग करें।
समय-समय पर आंखों के दबाव की जाँच करवाना बेहद जरूरी है।
ग्लूकोमा अवेयरनेस मंथ
हर साल जनवरी माह में ग्लूकोमा जागरूकता माह मनाया जाता है। इस महीने का उद्देश्य लोगों को ग्लू कोमा के शुरुआती लक्षणों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि “जितनी जल्दी ग्लू कोमा को डिटेक्ट किया जाएगा, आंखों को उतना ही कम नुकसान पहुंचेगा।” इसलिए आंखों की सुरक्षा के लिए समय पर जांच और उचित उपाय करना अत्यंत आवश्यक है।



