पंजाब: 3 लाख का ऑपरेशन और जेब से नहीं लगा एक पैसा, जानें कैसे सुलखन सिंह के लिए ‘वरदान’ बनी यह सरकारी योजना
फरवरी 7, 2026 पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति अब जमीनी स्तर पर दिखने लगी है। गुरदासपुर के एक दिहाड़ी मजदूर सुलखन सिंह की कहानी आज उन लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन गई है, जो इलाज के भारी खर्च से डरते थे। ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ के तहत सुलखन सिंह का दिल का सफल ऑपरेशन बिना किसी खर्च के पूरा हुआ है।
मजदूर के पास नहीं थे पैसे, सरकार ने 24 घंटे में बनवाया कार्ड
गुरदासपुर के गांव गुरदासनंगल निवासी सुलखन सिंह अचानक दिल की गंभीर बीमारी का शिकार हो गए थे। डॉक्टरों ने इलाज का खर्च 3 लाख रुपये बताया, जो एक मजदूर परिवार के लिए नामुमकिन था।
आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया:
“सुलखन सिंह का हेल्थ कार्ड महज एक दिन में तैयार करवाया गया। इसके बाद अमृतसर के निजी अस्पताल में उनका सफल ऑपरेशन हुआ और स्टेंट डाले गए। आज वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।”
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना: मुख्य बिंदु
भगवंत मान सरकार की इस योजना ने पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे की तस्वीर बदल दी है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
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10 लाख तक का मुफ्त इलाज: पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा।
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निजी अस्पतालों में भी सुविधा: सरकारी के साथ-साथ सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में भी कार्ड प्रभावी।
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गरीब और मध्यम वर्ग को राहत: इलाज के लिए कर्ज लेने की मजबूरी खत्म।
‘जुमलेबाजी’ नहीं, हकीकत है बदलाव: धालीवाल
विपक्ष पर निशाना साधते हुए धालीवाल ने कहा कि पिछली सरकारों में गरीब इलाज के अभाव में दम तोड़ देते थे, लेकिन मान सरकार ने स्वास्थ्य को बुनियादी अधिकार बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि कोई भी अस्पताल कार्ड धारक से अतिरिक्त पैसे न मांग सके।



