उत्तर प्रदेश बजट 2026: 36 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, आर्थिक समीक्षा में दिखा विकास का रौद्र स्वरूप
उत्तर प्रदेश सरकार का बजट 2026 बुधवार को पेश होगा। आर्थिक समीक्षा में 36 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, पूंजीगत व्यय में वृद्धि और निवेश के नए अवसरों का खुलासा।
उत्तर प्रदेश सरकार का बजट बुधवार, 12 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। इससे पहले सोमवार को विधानसभा में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदेश की पहली आर्थिक समीक्षा सदन में प्रस्तुत की। इस समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पिछले आठ वर्षों में अभूतपूर्व विस्तार कर चुकी है।
वर्ष 2016–17 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13.30 लाख करोड़ रुपये थी, जो 2024–25 में बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये हो गई। वित्तीय वर्ष 2025–26 में इसे 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इससे उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
निवेश और औद्योगिक विकास
आर्थिक समीक्षा में बताया गया कि उत्तर प्रदेश अब औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ‘ट्रिपल एस’ (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) की नीति के चलते प्रदेश को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 2016–17 के 8.6% से बढ़कर 2024–25 में 9.1% तक पहुंच गया है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में गिरावट थमी है। वर्ष 2016–17 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये थी, जो 2024–25 में बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई। वित्तीय वर्ष 2025–26 में इसे 1,20,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
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कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में संतुलित विकास
आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि वर्ष 2024–25 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 25.8%, औद्योगिक क्षेत्र की 27.2%, और सेवा क्षेत्र की 47% रही। यह दिखाता है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब बहु-क्षेत्रीय और संतुलित हो गई है।
बजट और पूंजीगत व्यय
प्रदेश का बजट आकार वर्ष 2016–17 में 3.47 लाख करोड़ रुपये था, जो वित्तीय वर्ष 2025–26 में बढ़कर 8.33 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। पूंजीगत व्यय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2016–17 में यह 69.79 हजार करोड़ था, जो 2024–25 में बढ़कर 147.72 हजार करोड़ तक पहुंच गया।
राजकोषीय स्थिति और कर राजस्व
समीक्षा में प्रदेश की राजकोषीय स्थिति को अनुशासित बताया गया है। सार्वजनिक ऋण-से-जीएसडीपी अनुपात वर्ष 2016–17 के 29.3% से घटकर 2024–25 में 28% हो गया। प्रदेश का अपना कर राजस्व वर्ष 2016–17 में 86 हजार करोड़ था, जो 2024–25 में लगभग ढाई गुना बढ़कर 2.09 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक मजबूती और पूंजीगत निवेश के विस्तार से प्रदेश में सामाजिक और बुनियादी ढांचा विकास में तेजी आएगी। बजट पेश होने के बाद सरकार की प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं का विस्तार भी स्पष्ट होगा।
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