शराब घोटाला मामला: ‘सत्यमेव जयते’, न्यायपालिका ने बहाल किया आम आदमी का भरोसा: बलतेज पन्नू
बलतेज पन्नू आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में अदालत के हालिया फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस फैसले को ‘ईमानदार राजनीति की ऐतिहासिक जीत’ करार दिया है। पन्नू ने कहा कि अदालत के इस निर्णय ने न केवल अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बेदाग साबित किया है, बल्कि न्यायपालिका पर आम जनता के विश्वास को और भी मजबूत किया है।
साज़िश का हुआ पर्दाफाश: कोई सबूत नहीं, कोई रिकवरी नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित एक गहरी साज़िश थी, जिसे अब अदालत ने पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
पन्नू द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु:
अयोग्य मामला: अदालत ने खुद इस केस को आगे बढ़ाने के लिए अयोग्य पाया है।
साक्ष्यों का अभाव: जांच एजेंसियों को न तो कोई कैश मिला, न कोई दस्तावेज और न ही कोई अवैध रिकवरी हुई।
आधारहीन आरोप: बिना किसी ठोस आधार के इतने समय तक नेताओं को जेल में रखना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
“100 करोड़ के घोटाले की कहानी सिर्फ एक कपोल कल्पित कथा थी। हम पूछते हैं कि आखिर वो 100 करोड़ कहाँ हैं? यह सिर्फ केजरीवाल की जीत नहीं, बल्कि सच्चाई की जीत है।” – बलतेज सिंह पन्नू
‘आप’ के शासन मॉडल से घबराकर एजेंसियों का दुरुपयोग
पन्नू ने आरोप लगाया कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अरविंद केजरीवाल के शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल का मुकाबला चुनावी मैदान में नहीं कर सकी, तो उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के मोहल्ला क्लिनिक और सरकारी स्कूलों की क्रांति आज पूरी दुनिया में मिसाल बनी हुई है। पंजाब में भी मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव आ रहे हैं। इसी जमीनी बदलाव और लोकप्रियता से घबराकर विपक्ष ने झूठे केसों का सहारा लिया।
न्यायपालिका और संविधान के प्रति आभार
बलतेज पन्नू ने इस मौके पर बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आज के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि हमारा संविधान और न्यायपालिका किसी भी राजनीतिक दबाव से ऊपर है।
अदालती फैसले का राजनीतिक प्रभाव:
- आप की मजबूती: इस फैसले से देशभर में ‘आप’ कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है।
- विपक्ष पर सवाल: झूठे केस दर्ज करने के आरोपों पर अब विपक्ष को जवाब देना होगा।
- ईमानदारी की साख: पार्टी की ‘कट्टर ईमानदार’ छवि पर जनता की मुहर वापस लग गई है।



