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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत से सतर्क रहने और वैश्विक परिस्थितियों के लिए तैयार रहने का आग्रह किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में तनाव के संभावित वैश्विक प्रभावों पर चेतावनी दी और भारत से सतर्क, एकजुट और तैयार रहने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के वैश्विक स्तर पर दीर्घकालिक परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने देशवासियों से सतर्क, एकजुट और तैयार रहने का आग्रह किया।

लोकसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों का असर दुनिया भर पर लंबे समय तक महसूस किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने तनाव कम करने के लिए लगातार राजनयिक प्रयास और संवाद जारी रखे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत का दृष्टिकोण कूटनीति और बातचीत पर आधारित रहा है। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पूरे क्षेत्र के नेताओं से संयम बनाए रखने और शत्रुता समाप्त करने का आग्रह किया। मोदी ने नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे वाणिज्यिक जहाजरानी मार्गों में व्यवधान शामिल है।

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उन्होंने बताया कि भारत ने क्षेत्र में संचालित भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कूटनीतिक प्रयास किए हैं और देश की शांति तथा मानवीय चिंताओं के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तनाव को कम करने और संघर्ष का शीघ्र समाधान निकालने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गलत सूचनाओं और स्थिति का फायदा उठाने के प्रयासों के प्रति आगाह किया और कानून प्रवर्तन व सुरक्षा एजेंसियों को उच्च स्तर पर सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने तटीय, सीमा, साइबर और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय मजबूत किए जाने की जानकारी दी।

साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकारों से आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सतर्क रहने का आग्रह किया और कहा कि जहां आवश्यक हो, वहां कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंत में कहा कि अनिश्चित वैश्विक माहौल में धैर्य, संयम और एकता के साथ ही भारत अपनी लचीलापन और सामर्थ्य के साथ चुनौतियों का सामना कर सकता है।

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