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संजीव अरोड़ा ने किया पंजाब उद्योग नीति 2026 की नई संचालन और प्रबंधन नीति का खुलासा

पंजाब सरकार ने उद्योगपतियों के लिए पंजाब उद्योग नीति 2026 लागू की। SPB समिति, PSIEC प्लॉट और अनिवार्य सेवाओं में मिली बड़ी राहत।

पंजाब की मान सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। उद्योगपतियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने नई संचालन और प्रबंधन नीति (Operation and Management Policy) लागू कर दी है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने इस नीति की घोषणा करते हुए कहा कि पंजाब उद्योग नीति 2026 का मुख्य उद्देश्य जटिल सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और राज्य में व्यापार करने की सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना है।

विशेष समिति (SPB) का होगा गठन

इस नीति के तहत एक विशेष समिति (Special Purpose Board – SPB) का गठन किया गया है। इस समिति की सबसे खास बात यह है कि इसमें उद्योगपतियों की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है। समिति में कुल 7 सदस्य उद्योगों से होंगे, जबकि 1-2 सदस्य सरकारी प्रतिनिधि के रूप में शामिल किए जाएंगे। यह बोर्ड उद्योग जगत से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों और चुनौतियों का मूल्यांकन करेगा।

पंजाब उद्योग नीति 2026 की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि उद्योगपतियों द्वारा बिजली बिलों का भुगतान भी इसी विशेष समिति की मंजूरी के आधार पर किया जाएगा, जिससे वित्तीय प्रक्रियाओं में आने वाली बाधाएं दूर होंगी।

PSIEC प्लॉट धारकों को मिली बड़ी सौगात

मंत्री संजीव अरोड़ा ने जानकारी दी कि PSIEC के लीजहोल्ड प्लॉट को फ्रीहोल्ड में बदलने की प्रक्रिया को अब बेहद आसान बना दिया गया है। पंजाब उद्योग नीति 2026 के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

पंजीकरण शुल्क में बड़ी छूट: प्लॉट के ट्रांसफर और पंजीकरण पर लगने वाले शुल्क में राहत दी जाएगी।

न्यूनतम भुगतान: आरक्षित मूल्य का केवल 5% PSIEC को देकर उद्योगपति इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

अनिवार्य सेवाओं का विकल्प: उद्योगों के लिए 18 अनिवार्य सेवाओं के विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें उद्योगपति अपनी आवश्यकतानुसार चुन सकते हैं।

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निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

संजीव अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि पंजाब उद्योग नीति 2026 केवल कागजी बदलाव नहीं है, बल्कि यह धरातल पर छोटे और बड़े उद्योगों को सशक्त बनाने का एक माध्यम है। सरकार का मानना है कि प्रक्रियाओं के सरलीकरण से पंजाब में निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उद्योग जगत ने मान सरकार की इस पंजाब उद्योग नीति 2026 की जमकर सराहना की है। उद्योगपतियों का मानना है कि इस नीति से लालफीताशाही खत्म होगी और पंजाब देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।

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