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 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, भगवान हनुमान जी से की प्रार्थना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान हनुमान जी से प्रार्थना करते हुए संस्कृत श्लोक साझा किया और भक्तों में साहस व सकारात्मकता का संचार किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान हनुमान जी से अपनी प्रार्थना व्यक्त करते हुए एक संस्कृत श्लोक साझा किया। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान जी भक्ति, शक्ति और अटूट समर्पण के अद्वितीय प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में आशा जताई कि महाबली हनुमान जी की कृपा से उनके सभी भक्तों में साहस और सकारात्मकता का संचार हो।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा:

“मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शिरसा नमामि॥”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह श्लोक भक्ति और अनुशासन की प्रेरणा देता है और सभी भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। यह संदेश उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया।

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इस अवसर पर प्रधानमंत्री की यह पहल, प्रधानमंत्री हनुमान जी प्रार्थना को विशेष महत्व देती है, जो भक्तों के बीच साहस और समर्पण की भावना को बढ़ाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हनुमान जी का आदर्श सभी के जीवन में साहस और निष्ठा बनाए रखने का मार्गदर्शन करता है।

भक्तों और अनुयायियों ने प्रधानमंत्री के इस संदेश की सराहना की और इसे सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया। इस प्रकार, प्रधानमंत्री हनुमान जी प्रार्थना का संदेश देशभर के लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गया।

प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल भक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं और आम जनता में उत्साह, साहस और सकारात्मक सोच का संचार करता है। इस तरह प्रधानमंत्री हनुमान जी प्रार्थना की पहल ने देशवासियों में निष्ठा और आस्था को नई ऊर्जा प्रदान की।

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