राज्यदिल्ली

गुजरात में भाजपा-कांग्रेस का साझा खेल: मनीष सिसोदिया का बड़ा आरोप, बोले- ‘अब खत्म होगा यह गठजोड़’

मनीष सिसोदिया का बड़ा दावा: गुजरात में चल रहा है भाजपा-कांग्रेस जॉइंट वेंचर। जानें कैसे निगम चुनाव में दोनों पार्टियां मिलकर ‘आप’ को रोकने की कोशिश कर रही हैं।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने गुजरात की राजनीति में मचे घमासान के बीच एक बड़ा बयान दिया है। सिसोदिया ने गुजरात में सत्तापक्ष और मुख्य विपक्षी दल के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में चल रहा भाजपा-कांग्रेस जॉइंट वेंचर अब बेनकाब हो चुका है। उनके अनुसार, दोनों पार्टियां मिलकर आम आदमी पार्टी के बढ़ते कदमों को रोकने की नाकाम कोशिश कर रही हैं।

बीजेपी तय कर रही है कांग्रेस के उम्मीदवार?

मनीष सिसोदिया ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि आगामी नगर निगम चुनावों में उम्मीदवारों का चयन लोकतांत्रिक तरीके से नहीं, बल्कि आपसी सेटिंग से हो रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के विधायक खुद यह स्वीकार कर रहे हैं कि कांग्रेस के उम्मीदवारों के नाम भी सत्ताधारी दल के कार्यालयों में तय हो रहे हैं। सिसोदिया ने तंज कसा कि गुजरात का यह भाजपा-कांग्रेस जॉइंट वेंचर लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है, जहाँ विपक्ष अपनी भूमिका पूरी तरह भूल चुका है।

also read:- पंजाब की शिक्षा क्रांति का उदय: अब ईंट-भट्ठा मजदूर की…

जनता से अपील: बीजेपी को चुनें, ‘आप’ को नहीं

सिसोदिया ने अपनी प्रेस वार्ता में बताया कि कांग्रेस के बड़े नेता अब जनता के बीच जाकर यह कह रहे हैं कि भले ही वे बीजेपी को वोट दे दें, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) को वोट न दें। यह साफ दर्शाता है कि भाजपा-कांग्रेस जॉइंट वेंचर का एकमात्र उद्देश्य जनता को बुनियादी सुविधाओं और बदलाव की राजनीति से दूर रखना है। कांग्रेस का यह व्यवहार साबित करता है कि वह अब स्वतंत्र दल न रहकर बीजेपी की ‘बी-टीम’ बन चुकी है।

“गुजरात में ‘डबल इंजन’ की नहीं, बल्कि भाजपा-कांग्रेस जॉइंट वेंचर की सरकार चल रही है। यह जनता के साथ किया गया सबसे बड़ा धोखा है, जिसे अब गुजरात के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे।” – मनीष सिसोदिया

सिसोदिया का प्रहार: अब नहीं चलेगा यह खेल

आम आदमी पार्टी के नेता ने विश्वास जताया कि यह तथाकथित भाजपा-कांग्रेस जॉइंट वेंचर अब ज्यादा दिनों तक टिकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जब से गुजरात में शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे मुद्दों पर राजनीति शुरू हुई है, तब से ये दोनों पारंपरिक दल डरे हुए हैं। इसी डर की वजह से इन्होंने हाथ मिला लिया है, लेकिन जनता अब इनके असली चेहरे को पहचान चुकी है।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button