भारतीय यात्रियों के लिए खुशखबरी: अब नहीं पड़ेगी फ्रांस ट्रांजिट वीजा की जरूरत, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
फ्रांस ट्रांजिट वीजा पर बड़ा बदलाव, अब भारतीय यात्रियों को फ्रांस में ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं होगी। विदेश मंत्रालय ने नए नियमों की जानकारी दी।
भारतीय अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते राजनयिक संबंधों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। फ्रांस ट्रांजिट वीजा को लेकर किए गए नए बदलावों से अब यूरोप और अन्य महाद्वीपों की यात्रा करने वाले भारतीयों को बड़ी सहूलियत मिलने वाली है। 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुए इन नियमों के बाद, भारतीय नागरिक बिना किसी अतिरिक्त वीजा बाधा के फ्रांस के हवाई अड्डों का उपयोग कर सकेंगे।
फ्रांस ट्रांजिट वीजा नियमों में बड़ा बदलाव
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों को अब फ्रांस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के ट्रांजिट जोन से गुजरने के लिए फ्रांस ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी। यह ऐतिहासिक निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच फरवरी में हुई उच्च स्तरीय बैठक का परिणाम है।
यह सुविधा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी जो पेरिस जैसे प्रमुख हब के माध्यम से अमेरिका, कनाडा या अन्य गंतव्यों की यात्रा करते हैं। मंत्रालय ने साफ किया है कि फ्रांस ट्रांजिट वीजा से जुड़ी यह छूट केवल हवाई मार्ग से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों पर लागू होगी।
भारत-अमेरिका व्यापार: 500 अरब डॉलर का महालक्ष्य
केवल यूरोप ही नहीं, बल्कि अमेरिका के साथ भी भारत के व्यापारिक संबंध नई ऊंचाई छू रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में वाशिंगटन का दौरा किया है।
लक्ष्य: 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाना।
प्रगति: दोनों देश एक संतुलित और भविष्य-उन्मुखी व्यापार समझौते की दिशा में सकारात्मक चर्चा कर रहे हैं।
रणनीति: आपसी हितों की रक्षा करते हुए व्यापारिक बाधाओं को कम करना।
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जापान की नई रक्षा नीति और भारत का रुख
रक्षा क्षेत्र में भारत ने जापान के साहसिक कदम का स्वागत किया है। जापान द्वारा घातक हथियारों के निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने के फैसले को भारत ने रणनीतिक मजबूती के रूप में देखा है। भारत का मानना है कि फ्रांस ट्रांजिट वीजा जैसी कूटनीतिक जीत के साथ-साथ रक्षा सहयोग में जापान का यह बदलाव एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन बनाए रखने में मददगार होगा।
पश्चिम एशिया संकट और भारतीय जहाजों की सुरक्षा
पश्चिम एशिया, विशेषकर फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा की पुष्टि की है।
“पिछले कुछ हफ्तों में 10 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से प्रभावित क्षेत्र से बाहर निकल चुके हैं। वर्तमान में 14 जहाज वहां मौजूद हैं और सरकार ईरानी अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है ताकि हर भारतीय की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।” – रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता (विदेश मंत्रालय)
हाल ही में जिन विदेशी जहाजों पर गोलीबारी की घटनाएं हुई थीं, उनमें मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का समाधान कूटनीति और संवाद से ही संभव है।
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