धर्म

शनि जयंती 2026: भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, वरना नाराज हो सकते हैं शनिदेव

शनि जयंती 2026 पर किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए और क्या खाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं, जानिए खान-पान से जुड़े जरूरी नियम, व्रत विधि और शुभ उपाय की पूरी जानकारी।

शनि जयंती 2026: हिंदू धर्म में शनि जयंती का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन न्याय के देवता और कर्मफल दाता शनिदेव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा, व्रत और दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि जयंती के दिन खान-पान से जुड़े नियमों का पालन करना भी बेहद जरूरी माना गया है। इन नियमों की अनदेखी करने पर शनि दोष और नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं।

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इन चीजों से करें परहेज

तामसिक भोजन से दूरी

शनि जयंती के दिन मांसाहार, मदिरा और अन्य तामसिक भोजन का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है। ऐसा करने से जीवन में नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं और शनिदेव की कृपा कम हो सकती है।

दूध और सफेद पदार्थ

इस दिन दूध, दही और सफेद मिठाइयों से परहेज करने की सलाह दी जाती है। यदि दूध का सेवन जरूरी हो तो उसमें हल्दी या केसर मिलाकर लेना शुभ माना जाता है।

मसूर की दाल

मसूर की दाल को इस दिन अशुभ माना गया है क्योंकि इसका संबंध मंगल ग्रह से बताया जाता है, जबकि शनि और मंगल के बीच शत्रुता का भाव माना जाता है।

लाल मिर्च और तीखे मसाले

लाल मिर्च और अधिक तीखे मसालों का सेवन भी इस दिन वर्जित माना गया है। इसकी जगह काली मिर्च या हल्के मसालों का उपयोग करना बेहतर होता है।

कच्चा नमक

भोजन में ऊपर से कच्चा नमक डालकर खाने से भी बचना चाहिए। इसे ज्योतिषीय दृष्टि से अशुभ माना गया है।

क्या करें सेवन?

शनि जयंती के दिन काले तिल, उड़द की दाल, खिचड़ी और सरसों के तेल से बने भोजन का सेवन और दान करना शुभ माना जाता है। सात्विक भोजन ग्रहण करने से शनि दोष के प्रभाव कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

शनि जयंती के शुभ मंत्र

  • ॐ शं शनैश्चराय नमः
  • ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
  • ॐ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्

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