गायत्री जयंती 2026: जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि, वेदमाता की आराधना से मिलती है सुख-समृद्धि
गायत्री जयंती 2026 की तारीख। जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और वेदमाता गायत्री के महत्व की पूरी जानकारी।
हिंदू धर्म में गायत्री जयंती का विशेष महत्व माना जाता है। यह पावन पर्व ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है, जिसे निर्जला एकादशी के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन वेदमाता गायत्री की पूजा-अर्चना और गायत्री मंत्र का जाप अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।
इस वर्ष गायत्री जयंती 2026 में 25 जून को मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धालु माता गायत्री की विशेष पूजा कर सद्बुद्धि, सुख और समृद्धि की कामना करते हैं।
गायत्री जयंती 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जून 2026 को शाम 06:12 बजे से होगी और इसका समापन 25 जून 2026 को रात 08:09 बजे होगा। उदयातिथि के आधार पर गायत्री जयंती 2026 25 जून को ही मनाई जाएगी।
गायत्री जयंती पूजा विधि
गायत्री जयंती के दिन प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल पर माता गायत्री की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर फूल, अक्षत, रोली, चंदन और मिठाई अर्पित करें।
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भक्त इस दिन विशेष रूप से गायत्री मंत्र “ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्” का 27 से 1008 बार तक जाप करते हैं। अंत में माता की आरती कर पूजा संपन्न की जाती है।
वेदमाता गायत्री का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी गायत्री को सभी वेदों की माता माना जाता है, इसलिए उन्हें वेदमाता कहा जाता है। उन्हें ब्रह्मा, सरस्वती और लक्ष्मी का संयुक्त स्वरूप भी माना जाता है।
गायत्री माता के पांच मुख और दस भुजाएं बताई गई हैं, जो विभिन्न दिशाओं और शक्तियों का प्रतीक हैं। उनकी आराधना से जीवन में ज्ञान, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
गायत्री जयंती का यह पावन पर्व भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति का विशेष अवसर लेकर आता है।
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