धर्म

Sawan 2026: सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक साथ, 20 साल बाद बन रहा दुर्लभ शुभ संयोग

Sawan 2026 में 17 अगस्त को सावन सोमवार, नाग पंचमी और सिंह संक्रांति का दुर्लभ संयोग बन रहा है। जानें तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व।

सावन 2026 भगवान शिव के भक्तों के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस बार सावन महीने में एक ऐसा दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है, जिसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व काफी अधिक माना जा रहा है। 17 अगस्त 2026 को सावन का तीसरा सोमवार, नाग पंचमी और सिंह संक्रांति एक साथ पड़ेंगे। करीब दो दशक बाद बन रहे इस विशेष योग को पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है।

सावन 2026 में चार सोमवार का शुभ अवसर

हिंदू पंचांग के अनुसार, Sawan 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से होगी। सावन का पूरा महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान पड़ने वाले सोमवार व्रत और पूजा का विशेष महत्व होता है।

इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेंगे:

3 अगस्त 2026 – पहला सावन सोमवार
10 अगस्त 2026 – दूसरा सावन सोमवार
17 अगस्त 2026 – तीसरा सावन सोमवार
24 अगस्त 2026 – चौथा सावन सोमवार

इनमें से 17 अगस्त का दिन धार्मिक दृष्टि से सबसे खास माना जा रहा है।

तीसरा सावन सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार और नाग पंचमी का एक साथ आना बेहद शुभ माना जाता है। बताया जा रहा है कि ऐसा संयोग इससे पहले वर्ष 2003 में बना था।

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भगवान शिव और नाग देवता का संबंध प्राचीन धार्मिक मान्यताओं में विशेष माना गया है। नाग देवता को भगवान शिव का प्रिय गण माना जाता है। इस दिन शिव पूजा और नाग पूजा करने से विशेष फल मिलने की मान्यता है।

भक्त इस दिन भगवान शिव का जल, दूध, गंगाजल और बेलपत्र से अभिषेक कर सकते हैं। वहीं नाग देवता को हल्दी, अक्षत और पुष्प अर्पित कर पूजा करने की परंपरा है।

सिंह संक्रांति भी बनाएगी दिन को खास

17 अगस्त को सूर्य देव सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे सिंह संक्रांति कहा जाता है। सावन सोमवार, नाग पंचमी और सिंह संक्रांति का एक साथ होना इस दिन के महत्व को और बढ़ा देता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूर्य और चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। ज्योतिष में सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और मान-सम्मान से जुड़ा माना जाता है।

कालसर्प दोष और नाग दोष पूजा के लिए शुभ दिन

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष, नाग दोष या राहु-केतु से संबंधित परेशानियां होती हैं, उनके लिए यह दिन विशेष पूजा और उपायों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस दिन रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और नाग पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की धार्मिक मान्यता है।

नाग पंचमी 2026 की तिथि और पूजा मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, नाग पंचमी की पंचमी तिथि 16 अगस्त 2026 की शाम 4:52 बजे से शुरू होगी और 17 अगस्त 2026 की शाम 5 बजे तक रहेगी।

उदय तिथि के आधार पर नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।

पूजा का शुभ मुहूर्त:

सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए लगभग 2 घंटे 37 मिनट का शुभ समय मिलेगा।

Sawan 2026 का यह संयोग क्यों है खास?

सावन सोमवार, नाग पंचमी और सिंह संक्रांति का एक साथ आना धार्मिक आस्था के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भक्तों के लिए यह दिन भगवान शिव की कृपा पाने, पूजा-अर्चना करने और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष अवसर लेकर आएगा।

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