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GST Refund Update: पिछले दो वर्षों में लंबित रिफंड मामलों में बड़ी कमी, सरकार ने संसद में दी जानकारी

GST Refund Update: सरकार ने बताया कि पिछले दो वर्षों में लंबित GST रिफंड मामलों में बड़ी कमी आई है और प्रक्रिया को तेज बनाया गया है।

केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान GST रिफंड दावों के लंबित मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। सरकार के अनुसार, रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए उठाए गए कदमों से लंबित मामलों की संख्या में लगातार कमी आई है।

लोकसभा में एक लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक 60 से 90 दिनों के बीच लंबित GST Refund दावों की संख्या घटकर 64 रह गई है। इन दावों से जुड़ी रिफंड राशि करीब 164 करोड़ रुपये है।

यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2024 के अंत में लंबित 907 दावों (274 करोड़ रुपये) और वित्त वर्ष 2025 में लंबित 374 दावों (246 करोड़ रुपये) की तुलना में काफी कम है।

90 दिनों से अधिक लंबित मामलों में भी गिरावट

सरकार ने बताया कि 90 दिनों से अधिक समय से लंबित GST Refund मामलों में भी बड़ी कमी आई है। 31 मार्च 2026 तक ऐसे मामलों की संख्या घटकर 110 रह गई, जिनमें करीब 64 करोड़ रुपये की राशि शामिल है।

इससे पहले वित्त वर्ष 2024 में 90 दिनों से अधिक लंबित मामलों की संख्या 1,592 थी, जिनकी राशि करीब 696 करोड़ रुपये थी। वहीं वित्त वर्ष 2025 में ऐसे 712 मामले लंबित थे, जिनमें लगभग 560 करोड़ रुपये शामिल थे।

देरी के कारण भी बताए गए

वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि GST Refund प्रक्रिया में देरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें करदाताओं द्वारा जरूरी दस्तावेज जमा करने में देरी, विभागीय नोटिस के जवाब में विलंब और अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराने के लिए रिफंड प्रक्रिया को कुछ समय के लिए लंबित रखने का अनुरोध शामिल है।

उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में तकनीकी या सिस्टम से जुड़ी समस्याएं भी देरी का कारण बनती हैं।

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निर्यात रिफंड प्रक्रिया हुई पूरी तरह ऑनलाइन

सरकार ने बताया कि IGST भुगतान के साथ किए गए माल के निर्यात से जुड़े रिफंड की प्रक्रिया पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होती है। इसके लिए GST पोर्टल को CBIC के ICEGATE सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे मैनुअल हस्तक्षेप की जरूरत कम हुई है।

इसके अलावा, जीरो रेटेड सप्लाई के मामलों में डेटा विश्लेषण और जोखिम मूल्यांकन के आधार पर आवेदन मंजूर होने के सात दिनों के भीतर 90 प्रतिशत तक अनंतिम रिफंड जारी करने की व्यवस्था भी लागू है।

पोर्टल पर रिफंड स्टेटस की सुविधा

सरकार ने बताया कि पंजीकृत करदाताओं को GST कॉमन पोर्टल पर अपने रिफंड आवेदन की स्थिति हर चरण पर देखने की सुविधा दी गई है। वहीं, रिफंड आवेदन अस्वीकार किए जाने की स्थिति में कारणों की जानकारी CGST Act, 2017 के प्रावधानों के तहत जारी विस्तृत आदेश में दी जाती है।

सरकार का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया और बेहतर निगरानी व्यवस्था के चलते GST Refund सिस्टम अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी हुआ है।

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