नाग पंचमी 2026: नाग पंचमी पर इन 8 नाग देवताओं की होती है पूजा, जानें धार्मिक महत्व
नाग पंचमी 2026 पर 8 प्रमुख नाग देवताओं की पूजा का महत्व जानें। शेषनाग, वासुकी, तक्षक समेत आठ नागों से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं पढ़ें।
श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली नाग पंचमी 2026 इस बार 17 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, इस दिन नाग देवता और भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी पर नाग देवताओं की आराधना करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
इस दिन भक्त भगवान शिव को जल अर्पित करने के साथ नाग देवता की पूजा करते हैं। कई जगहों पर दूध, फूल, जल और अनाज अर्पित करने की परंपरा भी है। धार्मिक मान्यताओं में नाग पूजा को कुंडली से जुड़े कालसर्प दोष के नकारात्मक प्रभावों को कम करने की कामना से भी जोड़ा जाता है।
कब है नाग पंचमी 2026?
पंचांग के अनुसार, श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि 16 अगस्त 2026 को शाम 4:52 बजे शुरू होगी और 17 अगस्त 2026 को शाम 5:00 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर नाग पंचमी 2026 का पर्व 17 अगस्त को मनाया जाएगा।
इस दिन नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव की आराधना करने की भी परंपरा है। हालांकि पूजा के मुहूर्त और तिथि में स्थान के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है।
नाग पंचमी पर किन 8 नागों की पूजा होती है?
धार्मिक परंपराओं में आठ प्रमुख नागों की पूजा का उल्लेख मिलता है। इनके नाम और उनसे जुड़ी मान्यताएं इस प्रकार हैं:
1. शेषनाग या अनंत
शेषनाग को अनंत और आदिशेष के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर विराजमान रहते हैं। इसी कारण शेषनाग का हिंदू धर्म में विशेष स्थान माना जाता है।
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2. वासुकी नाग
वासुकी को भगवान शिव का परम भक्त माना जाता है। धार्मिक कथाओं में भगवान शिव के गले में वासुकी नाग के विराजमान होने का वर्णन मिलता है। समुद्र मंथन की कथा में भी वासुकी का महत्वपूर्ण स्थान है।
3. पद्म नाग
पद्म नाग को धार्मिक मान्यताओं में शांति और समृद्धि से जोड़ा जाता है। नाग देवताओं की पूजा परंपरा में पद्म नाग का भी विशेष महत्व बताया गया है।
4. महापद्म नाग
महापद्म नाग का उल्लेख विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में नाग वंश से जुड़े प्रमुख नामों में मिलता है। इन्हें भी नाग देवताओं की आराधना में महत्वपूर्ण माना जाता है।
5. तक्षक नाग
महाभारत की कथाओं में तक्षक नाग का प्रमुख रूप से उल्लेख मिलता है। धार्मिक परंपरा में उन्हें प्रमुख नागों में शामिल किया गया है।
6. कुलिक नाग
कुलिक नाग का नाम भी प्रमुख नाग देवताओं में लिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इनका संबंध नाग वंश और देव परंपरा से जोड़ा जाता है।
7. कर्कोटक नाग
कर्कोटक नाग का उल्लेख पौराणिक कथाओं में मिलता है। इन्हें नाग देवताओं की प्रमुख परंपरा का हिस्सा माना जाता है और भगवान शिव से भी इनका संबंध बताया जाता है।
8. शंखपाल नाग
शंखपाल को भी प्रमुख नाग देवताओं में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इनकी पूजा सुख-समृद्धि और घर की खुशहाली की कामना से जुड़ी हुई है।
नाग पंचमी पर क्यों की जाती है नाग देवता की पूजा?
नाग पंचमी 2026 पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा प्रकृति और सर्पों के प्रति श्रद्धा से भी जुड़ी हुई है। हिंदू धार्मिक परंपरा में नागों को देव स्वरूप माना गया है और उन्हें भगवान शिव से संबंधित माना जाता है।
इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने और नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है। कुछ धार्मिक मान्यताओं में नाग पूजा को कालसर्प दोष के नकारात्मक प्रभावों को कम करने की कामना से जोड़ा जाता है। हालांकि, ज्योतिषीय मान्यताओं को वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाता है।
नाग पंचमी पर क्या अर्पित करें?
नाग पंचमी के दिन भक्त श्रद्धानुसार भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करते हैं। जल, फूल और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करने की परंपरा अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिलती है।
नाग पंचमी 2026 के मौके पर पूजा करते समय स्थानीय परंपरा और पंचांग के अनुसार विधि का पालन करना बेहतर माना जाता है।
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