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राजस्थान नगर निगम चुनाव: सर्वे के आधार पर बीजेपी चुनेगी उम्मीदवार, स्थानीय कार्यकर्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता

राजस्थान नगर निगम चुनाव में बीजेपी सर्वे के आधार पर उम्मीदवार चुनेगी। स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता की पसंद को टिकट वितरण में प्राथमिकता मिलेगी।

राजस्थान में आगामी निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब राजस्थान नगर निगम चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के लिए सर्वे को अहम आधार बनाने की तैयारी में है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि टिकट देने में जनता की पसंद और उम्मीदवार की स्थानीय पकड़ को प्राथमिकता दी जाएगी।

पांच स्तरों से जुटाया जाएगा फीडबैक

जोधपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मदन राठौड़ ने चुनावी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बीजेपी उम्मीदवारों के चयन के लिए कई स्तरों पर फीडबैक जुटा रही है।

मदन राठौड़ के मुताबिक संगठन, स्थानीय कार्यकर्ताओं और अन्य माध्यमों से मिलने वाली जानकारी को एकत्र किया जाएगा। इसके बाद सर्वे के आंकड़ों का विश्लेषण कर ऐसे उम्मीदवार का चयन करने की कोशिश होगी, जो क्षेत्र की जनता की पसंद पर खरा उतरता हो।

राजस्थान नगर निगम चुनाव को लेकर बीजेपी का फोकस बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और स्थानीय कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान से जोड़ने पर भी है।

स्थानीय कार्यकर्ताओं को टिकट में प्राथमिकता

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस बार पैराशूट उम्मीदवारों से दूरी बनाए रखने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि संबंधित वार्ड के योग्य और स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर रहेगा।

पार्टी का मानना है कि स्थानीय उम्मीदवार को क्षेत्र की समस्याओं और मतदाताओं की जरूरतों की बेहतर समझ होती है। जरूरत पड़ने पर वार्ड की कोर कमेटी की राय भी उम्मीदवार के चयन में शामिल की जा सकती है।

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टिकट न मिलने पर भी कार्यकर्ता करेंगे काम

मदन राठौड़ ने बीजेपी के संगठन और कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता उसकी बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि टिकट के लिए आवेदन करने वाला प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी समझता है।

उनके अनुसार, टिकट नहीं मिलने की स्थिति में भी पार्टी कार्यकर्ता संगठन के प्रति समर्पित रहकर चुनाव में काम करेंगे। राजस्थान नगर निगम चुनाव में पार्टी इसी संगठनात्मक मजबूती को अपनी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही है।

वार्ड परिसीमन को लेकर भी दिया बयान

राठौड़ ने वार्डों के गठन को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान वार्डों का गठन व्यवस्थित तरीके से नहीं किया गया था। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि वर्तमान में सामान्य जनसंख्या वितरण को ध्यान में रखते हुए वार्ड बनाए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में फिलहाल सत्ता विरोधी लहर नहीं है और बीजेपी सरकार ने जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम किया है।

दो चरणों में होंगे निकाय चुनाव

राजस्थान में 309 नगर निकायों और 10 नगर निगमों के चुनाव प्रस्तावित हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार चुनाव दो चरणों में 9 सितंबर और 11 सितंबर को कराए जाएंगे, जबकि मतगणना 14 सितंबर को होगी।

राजस्थान नगर निगम चुनाव के लिए बीजेपी की सर्वे आधारित रणनीति का उद्देश्य जनता की पसंद वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारना है। पार्टी स्थानीय कार्यकर्ताओं, संगठनात्मक फीडबैक और सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर टिकट वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

आगामी चुनावों में बीजेपी का जोर स्थानीय चेहरे, मजबूत संगठन और जनता के फीडबैक के आधार पर उम्मीदवार तय करने पर रहेगा। राजस्थान नगर निगम चुनाव में यह रणनीति पार्टी के लिए कितनी प्रभावी साबित होती है, इसका फैसला चुनाव परिणाम आने के बाद होगा।

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