धर्म

खाटूश्यामजी वीआईपी दर्शन: खत्म हुआ ‘लपका मॉडल’, अब QR और ID वेरिफिकेशन के बाद ही एंट्री

खाटूश्यामजी मंदिर में वीआईपी दर्शन के नए नियम लागू, अब QR कोड और पहचान पत्र सत्यापन के बाद ही अधिकृत श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा।

खाटूश्यामजी वीआईपी दर्शन को लेकर मंदिर प्रशासन ने व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। खाटूश्यामजी मंदिर में अब बिना अधिकृत प्रोटोकॉल के किसी भी श्रद्धालु को वीआईपी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य वीआईपी दर्शन के नाम पर होने वाली कथित अवैध वसूली, बिचौलियों की भूमिका और अव्यवस्था पर रोक लगाना है।

नई गाइडलाइन के मुताबिक, वीआईपी दर्शन की सुविधा केवल निर्धारित प्रशासनिक प्रोटोकॉल के तहत आने वाले श्रद्धालुओं को ही मिलेगी। इसके लिए पहले अधिकृत प्रोटोकॉल अधिकारी की सिफारिश जरूरी होगी। इसके बाद श्रद्धालु का अग्रिम पंजीकरण किया जाएगा।

व्हाट्सऐप बॉट से मिलेगा यूनिक QR कोड

पंजीकरण पूरा होने के बाद संबंधित श्रद्धालु के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप बॉट के जरिए एक यूनिक QR कोड भेजा जाएगा। मंदिर में प्रवेश के समय इसी QR कोड को स्कैन किया जाएगा।

इसके साथ श्रद्धालु के पहचान पत्र की भी जांच होगी। खाटूश्यामजी वीआईपी दर्शन के लिए QR कोड और पहचान पत्र का सत्यापन सफल होने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इससे बिना अनुमति या गलत तरीके से वीआईपी प्रवेश लेने की कोशिशों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

होटल और धर्मशाला संचालकों की सिफारिश मान्य नहीं

खाटूधाम में लंबे समय से श्रद्धालुओं को जल्दी दर्शन कराने के नाम पर स्थानीय बिचौलियों और कुछ होटल या धर्मशाला संचालकों के जरिए पैसे लेने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था में इस तरह की मौखिक सिफारिश को मान्यता नहीं दी जाएगी।

अब केवल अधिकृत प्रोटोकॉल के तहत की गई सिफारिश और निर्धारित पंजीकरण प्रक्रिया के आधार पर ही वीआईपी दर्शन संभव होगा। इससे कथित ‘लपका मॉडल’ पर प्रभावी अंकुश लगाने की कोशिश की गई है।

पुराना VIP गेट बंद, अलग रास्ते से होगी आवाजाही

प्रशासन ने बाबा पार्किंग के पास मौजूद पुराने वीआईपी गेट को बंद कर दिया है। प्रोटोकॉल के तहत आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग निर्धारित किया गया है।

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा आम श्रद्धालुओं को मिलने की उम्मीद है। अलग रास्ता होने से मुख्य प्रवेश मार्ग और सामान्य दर्शन की कतारों में वीआईपी आवाजाही से होने वाली रुकावट कम होगी। इससे भक्तों की लाइन को भी व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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हर वीआईपी दर्शनार्थी का डिजिटल रिकॉर्ड होगा तैयार

नई डिजिटल व्यवस्था में खाटूश्यामजी वीआईपी दर्शन से जुड़े प्रत्येक प्रवेश का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इसमें सिफारिश करने वाले अधिकारी की जानकारी, अनुमति प्राप्त श्रद्धालुओं की संख्या, QR कोड स्कैन होने का विवरण और प्रवेश का समय दर्ज किया जाएगा।

श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान के अनुसार, डिजिटल रिकॉर्डिंग की व्यवस्था से वीआईपी दर्शन के नाम पर होने वाली ठगी और विवादों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

आम भक्तों को मिलेगी बड़ी राहत

मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में खाटूश्यामजी वीआईपी दर्शन के लिए अलग प्रक्रिया और मार्ग तय किए जाने से सामान्य दर्शन करने वाले भक्तों को राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन का लक्ष्य वीआईपी प्रवेश को सीमित, पारदर्शी और रिकॉर्ड आधारित बनाना है, ताकि किसी भी व्यक्ति को बिचौलियों के जरिए अनुचित तरीके से प्रवेश दिलाने की गुंजाइश कम हो।

अब नियमों के तहत ही मिलेगा VIP प्रवेश

नई व्यवस्था के बाद खाटूश्यामजी वीआईपी दर्शन किसी मौखिक सिफारिश या स्थानीय बिचौलिये के भरोसे नहीं होगा। अधिकृत प्रोटोकॉल, अग्रिम पंजीकरण, यूनिक QR कोड और पहचान पत्र सत्यापन—इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही पात्र श्रद्धालु को प्रवेश मिलेगा।

मंदिर प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से वीआईपी दर्शन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और आम श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था भी बेहतर तरीके से संचालित की जा सकेगी।

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