राज्यगुजरात

भाजपा-कांग्रेस पर डॉ. करन बारोट का हमला, बोले- तीसरी पार्टी को मजबूत नहीं होने देना चाहते

डॉ. करन बारोट ने भाजपा-कांग्रेस पर तीसरी राजनीतिक ताकत को रोकने का आरोप लगाया और गांधीनगर चुनाव में AAP उम्मीदवारों पर दबाव का दावा किया।

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. करन बारोट ने भाजपा और कांग्रेस पर गुजरात में तीसरी राजनीतिक ताकत को आगे बढ़ने से रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रमुख दल नहीं चाहते कि कोई स्थानीय या क्षेत्रीय पार्टी मजबूत होकर जनता के बीच अपना प्रभाव बढ़ाए। डॉ. करन बारोट के मुताबिक, यही वजह है कि आम आदमी पार्टी को लगातार राजनीतिक और संगठनात्मक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

गांधीनगर नगर निगम चुनाव को लेकर लगाए गंभीर आरोप

डॉ. करन बारोट ने गांधीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के मजबूत प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के प्रयास किए गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उम्मीदवारों पर दबाव बनाया गया और उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद ऐसी खबरें और चर्चाएं सामने लाई गईं कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार पार्टी छोड़ रहे हैं और संगठन कमजोर हो रहा है।

डॉ. करन बारोट ने दावा किया कि यह सब आम आदमी पार्टी की चुनावी स्थिति को कमजोर दिखाने के लिए किया गया।

कार्यक्रमों और प्रचार को रोकने का भी आरोप

आप नेता ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से संवाद कार्यक्रमों के लिए जिन स्थानों की बुकिंग की गई थी, उनमें भी बाधाएं पैदा की गईं। उनके मुताबिक, कुछ जगहों पर हॉल की बुकिंग रद्द कराई गई, बिजली बंद कराई गई और आयोजकों पर दबाव बनाने की कोशिश हुई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों के मालिकों को कथित तौर पर अधिकारियों के जरिए धमकाया गया। डॉ. करन बारोट का कहना है कि यदि किसी तीसरी राजनीतिक ताकत को इस तरह दबाने की कोशिश की जा रही है तो इस पूरे घटनाक्रम को भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

पोस्टर-बैनर हटाने और कार्यकर्ताओं को धमकी देने का दावा

डॉ. करन बारोट ने कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा रात में लगाए गए पोस्टर और बैनर सुबह तक हटा दिए जाते हैं। उन्होंने प्रचार सामग्री हटाए जाने के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं को धमकियां दिए जाने का भी आरोप लगाया।

उनके अनुसार, आम आदमी पार्टी को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि यह ऐसी पार्टी है जिसे आसानी से राजनीतिक रूप से नियंत्रित या मैनेज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पार्टी में सामान्य परिवारों से आने वाले लोग भी संगठन और राजनीति में नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं।

alos read:- भरतसिंह झाला को सचिवालय में रोके जाने का दावा, इसुदान गढ़वी ने BJP पर साधा निशाना

इटालिया, वसावा और गढ़वी का उदाहरण दिया

आप नेता ने गोपाल इटालिया, चैतर वसावा और इसुदान गढ़वी का उदाहरण देते हुए कहा कि ये नेता किसी स्थापित राजनीतिक परिवार या बड़े राजनीतिक बैकग्राउंड से नहीं आए, लेकिन उन्होंने जनता के बीच काम करके अपनी पहचान बनाई।

डॉ. करन बारोट ने कहा कि आम आदमी पार्टी की यही विशेषता उसके विरोधियों के लिए चिंता का कारण बन रही है। उनके मुताबिक, सामान्य परिवारों से आने वाले लोगों को राजनीतिक नेतृत्व में आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है।

अखबारों में आप उम्मीदवारों की सूची नहीं दिखाने का आरोप

डॉ. करन बारोट ने दावा किया कि गांधीनगर में आम आदमी पार्टी लंबे समय से विपक्ष की भूमिका निभाती रही है और जिन क्षेत्रों में उसके पार्षद चुने गए थे, वहां इस बार भी पार्टी ने मजबूत पैनल के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी की है।

हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को प्रमुखता दी जा रही है, जबकि आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के नामों को पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है।

उनका कहना है कि इससे जनता के सामने चुनाव को केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले के तौर पर पेश करने की कोशिश हो रही है।

जनता से सच्चाई समझने की अपील

डॉ. करन बारोट ने गुजरात और गांधीनगर के मतदाताओं से अपील की कि वे चुनावी माहौल को केवल दो प्रमुख दलों के नजरिए से न देखें। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि स्थानीय और सामान्य परिवारों से आने वाले नेताओं को राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि तमाम कथित दबावों और चुनौतियों के बावजूद आम आदमी पार्टी को गुजरात और गांधीनगर में जनता का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने पार्टी के समर्थकों और मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि इस चुनाव में जनता को अपने विवेक के आधार पर फैसला करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का लक्ष्य सामान्य परिवारों से आने वाले लोगों को राजनीतिक नेतृत्व का अवसर देना है और पार्टी किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button