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हरियाणा का GST कलेक्शन ₹10,097 करोड़ पहुंचा, देश में पांचवें स्थान पर रहा राज्य

हरियाणा का GST कलेक्शन सितंबर 2026 में ₹10,097 करोड़ रहा। CM नायब सैनी ने 57वीं GST परिषद की बैठक में कर सुधारों पर सुझाव दिए।

हरियाणा ने जीएसटी संग्रह के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में राज्य के कर राजस्व, करदाताओं की सुविधाओं और जीएसटी व्यवस्था में सुधार को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सितंबर 2026 में हरियाणा का GST कलेक्शन 10,097 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस आंकड़े के साथ राज्य सभी राज्यों में पांचवें स्थान पर रहा। हरियाणा का योगदान देश के घरेलू जीएसटी संग्रह में 7 प्रतिशत से अधिक रहा। राज्य के लिए यह उपलब्धि कर राजस्व में वृद्धि और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सितंबर में हरियाणा का GST कलेक्शन 10,097 करोड़ रुपये

57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के जीएसटी संग्रह से जुड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि सितंबर 2026 में राज्य का सकल जीएसटी संग्रह 10,097 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ हरियाणा देश में सर्वाधिक जीएसटी संग्रह करने वाले राज्यों में पांचवें स्थान पर रहा।

हरियाणा का GST कलेक्शन देश के घरेलू जीएसटी राजस्व में 7 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखता है। राज्य की ओर से प्रस्तुत आंकड़े कर संग्रह में बढ़ोतरी और राजस्व आधार को मजबूत करने के प्रयासों को दर्शाते हैं।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि जीएसटी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के साथ करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को सरल करना जरूरी है। इससे कारोबारियों को अनुपालन में सुविधा मिल सकती है और सरकार के राजस्व संग्रह को भी मजबूती मिल सकती है।

राज्य के जीएसटी राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा के राज्य जीएसटी राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में यह वृद्धि 26 प्रतिशत रही।

राजस्व में हुई इस बढ़ोतरी को राज्य की वित्तीय स्थिति और कर संग्रह व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जा सकता है। सरकार का जोर राजस्व बढ़ाने के साथ ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें करदाताओं को अनावश्यक प्रक्रियाओं और अनुपालन संबंधी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

हरियाणा का GST कलेक्शन बढ़ाने के साथ सरकार करदाताओं की सुविधा और जीएसटी प्रणाली में सुधार को भी प्राथमिकता देना चाहती है। परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ने इसी दिशा में अपने सुझाव रखे।

जीएसटी परिषद की बैठक में करदाताओं की सुविधा पर जोर

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा से जुड़े कर और राजस्व के मुद्दों को उठाते हुए जीएसटी व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री के सुझावों का प्रमुख उद्देश्य करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाना और राज्य के राजस्व को मजबूत करना रहा। जीएसटी प्रणाली में सुधार से कारोबारियों को कर संबंधी नियमों का पालन करने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार के मुताबिक, करदाताओं की सुविधा और राजस्व वृद्धि को साथ लेकर चलना जरूरी है। इससे व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और सरकारी राजस्व के आधार को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

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‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जुड़े जीएसटी सुधार

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि करदाताओं की सुविधा बढ़ाने और सरकारी राजस्व को मजबूत करने वाले जीएसटी सुधार ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा इस दिशा में केंद्र सरकार और अन्य राज्यों के साथ मिलकर लगातार काम करता रहेगा। सरकार का उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाना और राजस्व संग्रह में निरंतर सुधार करना है।

हरियाणा का GST कलेक्शन सितंबर में 10,097 करोड़ रुपये तक पहुंचना और राज्य जीएसटी राजस्व में वृद्धि दर्ज होना बैठक में प्रस्तुत प्रमुख आंकड़ों में शामिल रहा। राज्य सरकार कर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केंद्र के साथ समन्वय जारी रखने पर जोर दे रही है।

हरियाणा की अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है जीएसटी संग्रह?

जीएसटी संग्रह किसी राज्य की आर्थिक गतिविधियों और कर राजस्व से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संकेतक है। राजस्व में वृद्धि से सरकार की वित्तीय क्षमता मजबूत करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, करदाताओं के लिए प्रक्रियाएं सरल होने से कारोबारियों को अनुपालन संबंधी सुविधा मिल सकती है।

हरियाणा ने सितंबर 2026 में 10,097 करोड़ रुपये के सकल जीएसटी संग्रह के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पांचवां स्थान हासिल किया। वित्त वर्ष 2025-26 में 22 प्रतिशत और चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 26 प्रतिशत की वृद्धि के आंकड़े भी बैठक में सामने आए।

हरियाणा का GST कलेक्शन और कर राजस्व बढ़ाने के साथ सरकार का ध्यान जीएसटी प्रणाली में सुधार, करदाताओं की सुविधा तथा केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर है। इन प्रयासों को राज्य की राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।

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