पुरानी सरकारों पर बरसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, किसानों के खातों में पहुंचे 493 करोड़ रुपये
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 9.18 लाख किसानों के खातों में 493 करोड़ रुपये भेजे। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा प्रभावित किसानों को राहत देने के साथ पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में किसानों के लिए भेजी गई राहत राशि का पूरा लाभ उन्हें नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मेहनत की कमाई में गड़बड़ी करने वालों को जनता ने सबक सिखाया है। इस दौरान योगी आदित्यनाथ किसान राहत कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 9,18,091 किसानों के बैंक खातों में 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि हस्तांतरित की गई।
गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार आपदा से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
हुदहुद चक्रवात की राहत राशि को लेकर सपा पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2014 में आए हुदहुद चक्रवात का जिक्र करते हुए पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र सरकार की ओर से 3,200 करोड़ रुपये भेजे गए थे, लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार किसानों को केवल 800 करोड़ रुपये ही वितरित कर पाई थी।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, वर्ष 2017 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने इस मामले की जांच कराई और किसानों के बकाया मुआवजे के भुगतान के लिए अलग से धनराशि की व्यवस्था की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान किसानों को उनका पूरा हक नहीं मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी करने वाली सरकारों को जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जाति के आधार पर समाज को बांटने और किसानों के हितों की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस शासन में 100 रुपये में से 15 रुपये पहुंचने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के शासनकाल में सरकारी सहायता के वितरण को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले लाभार्थियों के लिए भेजे जाने वाले 100 रुपये में से केवल 15 रुपये ही उन तक पहुंचते थे। उनके अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी इस व्यवस्था का उल्लेख किया था।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान व्यवस्था में सरकारी सहायता की पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान के लिए 25 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत होती है, तो उसके खाते में पूरी रकम पहुंचती है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व्यवस्था के कारण बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और भुगतान में पारदर्शिता बढ़ी है।
9.18 लाख किसानों को मिला 493 करोड़ रुपये का अनुदान
कार्यक्रम में बाढ़, अत्यधिक बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता दी गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस वर्ष बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों तथा नागरिकों को करीब 1,000 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए भुगतान प्रक्रिया को तेज किया गया है। योगी आदित्यनाथ किसान राहत पहल के तहत किसानों को कृषि निवेश अनुदान देने के साथ जनहानि, पशुहानि और मकानों को हुए नुकसान के मामलों में भी सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित लोगों के मामलों में सहायता देने में अनावश्यक देरी न हो और पात्र लाभार्थियों तक धनराशि सीधे पहुंचे।
जनहानि और मकान क्षति पर भी मिलेगी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर प्रभावित परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश हैं।
उन्होंने बताया कि आकाशीय बिजली सहित दुर्घटनाओं के पात्र मामलों में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत किसान, बटाईदार और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त मदद देने की व्यवस्था भी बताई गई।
इसके अलावा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों और पशुहानि के मामलों में भी नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी। कार्यक्रम में बताया गया कि पहले 1,29,326 किसानों को फसल नुकसान के लिए लगभग 78 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। वहीं, जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति से जुड़े मामलों में 225.93 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए अधिकारियों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने बाढ़ के कारण होने वाले भूमि कटाव को रोकने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग को कटान रोकने के काम में तेजी लाने को कहा। साथ ही लोक निर्माण विभाग, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरणों को मौसम साफ होते ही खराब सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा राहत कार्यों और आवागमन को सामान्य बनाने के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और बारिश का आकलन करने के लिए रेन गेज लगाए गए हैं। मौसम संबंधी चेतावनियां मोबाइल फोन के माध्यम से भी लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं।
15 अक्टूबर से प्रभावित जिलों में शुरू होगी धान खरीद
मुख्यमंत्री ने किसानों की उपज की खरीद को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में अत्यधिक बारिश हुई है, वहां 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का की खरीद के लिए केंद्र खोले जाएंगे। अन्य जिलों में खरीद प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी भी दी गई।
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उन्होंने कहा कि किसानों की उपज खरीदने के लिए कोई सीमा नहीं होगी और भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने और उसका पैसा प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर चुकी है। इसके अलावा 16 लाख निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली देने और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने की बात कही।
कृषि मंत्री ने गिनाईं किसानों के लिए सरकारी योजनाएं
कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। उनके अनुसार, अब तक कृषि क्षेत्र में 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि गन्ने का मूल्य 280 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है और गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में किसानों को 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है।
सांसद रवि किशन ने भी किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी, गन्ना भुगतान और आपदा राहत जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि संकट के समय किसानों को सहायता मिल सके।
मिशन शक्ति जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति के छठे चरण के अंतर्गत आयोजित जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में स्कूटी सवार महिला पुलिसकर्मियों और अन्य महिलाओं ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, योगी आदित्यनाथ किसान राहत कार्यक्रम के तहत सरकार ने आपदा प्रभावित किसानों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने, फसल खरीद को सुगम बनाने और कृषि सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर मुआवजा देना और आपदा के बाद उनकी आर्थिक स्थिति को संभालना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
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