पंजाब सरकार ने आशीर्वाद योजना के तहत 2,559 परिवारों को 13.05 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी। बेटियों के विवाह हेतु 51,000 रुपये की मदद, डॉ. बलजीत कौर ने साझा की जानकारी।
डॉ. बलजीत कौर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में आशीर्वाद योजना के अंतर्गत 2,559 परिवारों को कुल 13.05 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह योजना अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से लागू की गई है, ताकि जरूरतमंद परिवारों पर वित्तीय दबाव कम किया जा सके और सामाजिक सम्मान को बढ़ावा मिले।
12 जिलों के परिवारों को मिला लाभ
मंत्री बलजीत कौर ने जानकारी दी कि आशीर्वाद पोर्टल के माध्यम से पंजाब के फरीदकोट, फिरोजपुर, श्री फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का, गुरदासपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, पटियाला, एसबीएस नगर, संगरूर और तरनतारन सहित 12 जिलों से आवेदन प्राप्त हुए थे। सभी पात्र लाभार्थियों को शामिल करते हुए सरकार ने 13.05 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की।
जिलेवार लाभार्थियों का विवरण
डॉ. बलजीत कौर के अनुसार, फरीदकोट में 19, फिरोजपुर में 45, श्री फतेहगढ़ साहिब में 83, फाजिल्का में 723, गुरदासपुर में 291 और जालंधर में 7 परिवारों को सहायता मिली। वहीं कपूरथला में 163, लुधियाना में 892, पटियाला में 175, एसबीएस नगर में 43, संगरूर में 37 तथा तरनतारन में 81 लाभार्थी योजना से लाभान्वित हुए हैं।
बेटियों के विवाह के लिए 51,000 रुपये की मदद
मंत्री ने बताया कि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे गरीब परिवारों को सम्मानजनक तरीके से विवाह संपन्न कराने में सहयोग मिलता है।
also read:- कुलतार सिंह संधवान ने कहा, पंजाब में ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू होने पर यह कदम ऐतिहासिक साबित होगा
पात्रता की शर्तें
डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि आवेदक का पंजाब का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। लाभार्थी परिवार गरीबी रेखा से नीचे होना चाहिए तथा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित होना चाहिए। परिवार की कुल वार्षिक आय सभी स्रोतों से 32,790 रुपये से कम होनी चाहिए। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
पारदर्शिता के लिए डीबीटी व्यवस्था
उन्होंने बताया कि वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और राशि समय पर पहुंचती है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाना और समान अवसर उपलब्ध कराना है। यह पहल एक समावेशी और सशक्त पंजाब के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



