पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पहली बार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुख्यमंत्री निवास में मुलाकात की। बैठक में बीजेपी की आगामी चुनाव और पीएम मोदी की सभा की रणनीति पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सोमवार, 16 फरवरी को पहली बार मुख्यमंत्री निवास पहुंचीं। इससे पहले भजनलाल शर्मा कई बार राजे से उनके आवास पर मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन राजे का यह पहला मुख्यमंत्री निवास आगमन होने के कारण राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बैठक पार्टी के अंदर समन्वय और एकजुटता का संदेश देने के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।
मुख्यमंत्री निवास पर बीजेपी नेताओं का भी जमघट देखा गया, जिसमें कई बड़े नेता, विधायक और मंत्री उपस्थित थे। हालांकि वसुंधरा राजे की उपस्थिति ने बैठक को और अधिक सुर्खियों में ला दिया।
पीएम मोदी की सभा को लेकर रणनीति पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री निवास पर हुई संगठन संवाद बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित सभा को लेकर विस्तार से रणनीति तैयार की गई। बैठक में सभा की तैयारियों, संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और अधिकतम जनसंपर्क की रूपरेखा पर चर्चा हुई। हालांकि पंचायत चुनाव को लेकर क्या रणनीति बनी, इसका विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया।
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बूथ मैनेजमेंट और जनसंपर्क पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में बीकानेर संभाग की संगठनात्मक स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और फीडबैक संग्रह बेहद आवश्यक है। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री की सभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए संगठन के हर स्तर पर समन्वय जरूरी है।
भजनलाल शर्मा ने कहा, “प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, बजट प्रभावी है और विकसित राजस्थान हमारा सामूहिक लक्ष्य है। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री की सभा सफल और प्रभावी तरीके से सम्पन्न हो।”
बैठक में शामिल प्रमुख नेता और चर्चा के मुद्दे
बैठक में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, धरोहर संरक्षण एवं प्रोत्साहन प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी, डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, ताराचंद सारस्वत, विधायक जेठानंद व्यास, अंशुमान सिंह भाटी, देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया, शहर अध्यक्ष सुमन छाजेड़ सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।
बैठक में संगठनात्मक मजबूती, आगामी चुनावों की रणनीति और स्थानीय मुद्दों पर फीडबैक लिया गया। बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी ने सड़कों समेत अन्य स्थानीय समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।
बैठक को बीकानेर संभाग में संगठन को और अधिक सक्रिय करने तथा प्रधानमंत्री की सभा को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार के कामों को जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना और बूथ स्तर तक संवाद बढ़ाना प्राथमिकता रहेगी।
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