देश में बैंकिंग इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है। यह घोटाला जहाज निर्माण कंपनी ABG शिपयार्ड द्वारा की गई है। CBI ने SBI की शिकायत पर ABG शिपयार्ड लिमिटेड, उसके चेयरमैन व प्रबंध निदेशक ऋषि अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। कंपनी व उसके निदेशकों पर SBI के नेतृत्व वाले 28 बैंकों के समूह से 22,842 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप है। गुजरात के दाहेज और सूरत में ABG समूह की यह शिपयार्ड कंपनी पानी के जहाज बनाने और उनकी मरम्मत का काम करती है। अब तक यह कंपनी 165 जहाज बना चुकी है। अधिकारियों ने कहा कि ABG पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के एक संघ को कथित रूप से धोखा देने का आरोप है। इस घोटाले को देश में बैंकिंग इतिहास तक का सबसे बड़ा घोटाला इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यह नीरव मोदी से भी बड़ा घोटाला है।

लूटो और भगाओ: कांग्रेस रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मोदी सरकार लूटो और भगाओ! तीन तथ्य देश के सामने हैं। मोदी सरकार के 7 साल में ₹5,35,0000 करोड़ के बैंक फ्रॉड हुए। 8,17,000 करोड़ रुपये देश की जनता के बैंकों ने बट्टे खाते में डुबाये। 21,00,000 करोड़ रुपये बैंकों के NPA में इजाफा हुआ। लूटो भगाओ बैंक लूटवाओ।

8 नवंबर 2019 को सबसे पहले शिकायत दर्ज की गई थी
SBI ने 8 नवंबर, 2019 को पहली बार शिकायत दर्ज कराई थी। इसपर CBI ने 12 मार्च, 2020 को कंपनी से जवाब मांगा था। इसके लगभग 5 महीने बाद कंपनी ने नए सिरे से शिकायत दर्ज कराई थी। 18 महीने की जांच के बाद सीबीआई ने सात फरवरी 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी।

विदेशों में खरीदी गई प्रॉपर्टी
CBI की एफआईआर के अनुसार घोटाला करने वाली दो प्रमुख कंपनियों के नाम ABG शिपयार्ड और एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड हैं। दोनों कंपनियां एक ही समूह की हैं। कंपनियों पर आरोप है कि घोटाले किए गए पैसे को विदेश में भेजकर अरबों रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी गईं। 18 जनवरी 2019 को अर्नस्ट एंड यंग एलपी द्वारा दाखिल अप्रैल 2012 से जुलाई 2017 तक की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट की जांच में सामने आया है कि कंपनी ने गैरकानूनी गतिविधियों के जरिये बैंक से कर्ज में हेरफेर किया और रकम ठिकाने लगा दी।